अम्बेडकरनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थित रक्तकेन्द्र में पिछले करीब 15 दिनों से A पॉजिटिव और B पॉजिटिव रक्त समूह की भारी कमी बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों को रक्त की तलाश में दर-दर भटकना पड़ रहा है। कई मरीजों के उपचार में भी रक्त की अनुपलब्धता बड़ी चुनौती बनती जा रही है। ऐसे संकटपूर्ण समय में जिले के युवाओं ने आगे आकर मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है।
जिले के यूथ आइकॉन प्रवीण गुप्ता की अपील पर महज दो दिनों के भीतर पांच युवाओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर ब्लड बैंक में चल रहे संकट को कम करने का प्रयास किया। मनोज सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता, शिवबंस, अमन वर्मा और जितेन्द्र मौर्य ने विशेष रूप से A पॉजिटिव और B पॉजिटिव रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन की नई उम्मीद जगाई।
रक्तदान करने वाले युवाओं ने कहा कि किसी जरूरतमंद की जान बचाने से बड़ा कोई धर्म नहीं है। उनका यह कदम न केवल मरीजों के लिए संजीवनी साबित हुआ, बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गया है।
प्रवीण गुप्ता ने कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि किसी को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने विशेष रूप से A एवं B पॉजिटिव रक्त समूह वाले स्वस्थ युवाओं से आगे आने की अपील करते हुए कहा कि यदि अधिक से अधिक लोग नियमित रक्तदान करेंगे तो ब्लड बैंक में कभी रक्त का संकट पैदा नहीं होगा और किसी मरीज को खून के अभाव में परेशान नहीं होना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति समय-समय पर रक्तदान कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाए। “रक्तदान–महादान” केवल एक नारा नहीं, बल्कि किसी परिवार की खुशियां बचाने का माध्यम है।
स्वास्थ्यकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी मानना है कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान ही एकमात्र उपाय है, जिससे ब्लड बैंक में पर्याप्त रक्त उपलब्ध रह सके। फिलहाल A पॉजिटिव और B पॉजिटिव रक्त समूह की कमी को देखते हुए जनपदवासियों से आगे आकर रक्तदान करने की अपील की गई है, ताकि किसी भी मरीज की जिंदगी रक्त के अभाव में खतरे में न पड़े।




