अम्बेडकरनगर: अयोध्या के श्रीरामलला मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित चोरी और गबन के मामले ने अब सियासी रंग पकड़ लिया है। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अम्बेडकरनगर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने चोरी की घटना तो स्वीकार कर ली, लेकिन “बड़ी मछलियों” को बचाने की कवायद में जुट गई है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि सरकार की कार्रवाई कई सवाल खड़े कर रही है। उनका कहना है कि जब जांच में अनियमितताओं की बात सामने आई और एफआईआर दर्ज हुई, तब भी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय का नाम एफआईआर में शामिल न किया जाना निष्पक्ष जांच पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले की असली जिम्मेदारी से जुड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि रामलला मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी या चोरी का मामला बेहद गंभीर है और इसकी जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर कोई दोषी है तो उसके पद, प्रभाव या पहचान को देखे बिना कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि अयोध्या के रामजन्मभूमि थाने में आठ नामजद आरोपियों सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला मंदिर में प्राप्त दान राशि और कीमती चढ़ावे के कथित गबन, चोरी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश से जुड़ा है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव ने मांग की कि मामले की जांच केवल निचले स्तर तक सीमित न रखी जाए, बल्कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में सच सामने आ सके। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी समान रूप से कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
(नोट: चम्पत राय के संबंध में कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक बयान हैं। वर्तमान में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनका नाम दर्ज एफआईआर में शामिल नहीं है और उनके विरुद्ध किसी अपराध का आधिकारिक आरोप दर्ज नहीं किया गया है। जांच जारी है।)




