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मात्र एक कमरे में संचालित हो रहा है हॉस्पिटल, जबरन पैदाइश कराते समय बच्चे की मौत

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आखिर मासूम बच्चे की मौत का जिम्मेदार कौन !

अबोध मासूम की मौत के सवाल पर हंसता रहा हॉस्पिटल संचालक का पति

अम्बेडकरनगर: स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से मात्र एक कमरे में हॉस्पिटल संचालित हो रहा है। स्वयं को डॉक्टर कहने वाली सन्ध्या पाल की घोर के कारण मासूम बच्चे की जान चली गई।

डिलीवरी के दौरान रात से ही ग्लूकोज लगातार चढ़ाया जा रहा था, आरोप है कि गलत दवा के इस्तेमाल से जबरदस्ती बच्चा पैदा कराने का प्रयास किया जा रहा था जिससे अबोध बच्चे की मौत हो गई। अवैध ढंग से मानक के विपरीत संचालित हॉस्पिटल पर ऑक्सीजन तक की व्यवस्था नहीं है, यही नहीं जब पीड़ित परिजनों द्वारा कथित डॉक्टर सन्ध्या पाल (एएनएम) से लापरवाही बरतने की शिकायत किया तो उनका पति राम मूरत पाल बच्चे के शव के सामने ही हंसने लगा और कहा कि “जिसे जो करना है कर ले मेरा कुछ नहीं होगा”।
चर्चा है कि अवैध रूप से संचालित हॉस्पिटल के पीछे स्वास्थ्य विभाग की अहम भूमिका है और अवैध हॉस्पिटलों में इस हो रही मौतों पर स्वास्थ्य विभाग आखिर मूकदर्शक क्यों बना है, कहीं इसके पीछे महीना पर बंधा अवैध धन तो नहीं है।
ग्राम अंतपुर बियासिया पोस्ट बढ़ता थाना अतरैला जनपद आज़मगढ़ निवासी निशा निषाद पत्नी शिवम अपने मौसा रामपाल निषाद अवसानपुर के यहां आए थे जहां सोमवार की शाम को एनवा बाजार के बाहर स्थित एक कमरे में झोलाछाप डॉक्टर सन्ध्या पाल के यहां भर्ती कर दिया जहां रात भर जबरदस्ती डिलीवरी करवाने का प्रयास किया गया लेकिन सुबह करीब 9 बजे के आसपास जबरदस्ती बच्चा पैदा करवा दिया जिस वजह से मासूम बच्चे की मौत हो गई बच्चा करीब 03 किलो वजन का स्वस्थ बच्चा था जो लापरवाही की भेंट चढ़ गया।
पीड़ित निशा का पति शिवम द्वारा 112 पुलिस को सूचना दी गई लेकिन निष्क्रिय पुलिस ने मामले में मात्र सूचना ही दर्ज किया जबकि पीड़ित गुहार लगाता रहा, दूर जनपद का रहने के कारण डॉक्टर व अन्य लोगों द्वारा डाँटकर भगा दिया गया थक हारकर पीड़ित अपने बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया
मासूम बच्चे की मौत पर झोलाछाप डॉक्टर का पति राम मूरत हँसता रहा मासूम बच्चे की मौत का मजाक उड़ाता रहा पॉवर के आगे आखिर मासूम बच्चे की मौत व्यर्थ हो गया जिस प्रकार से एनम का पति हंसता रहा मखौल उड़ता रहा इससे यही प्रतीत होता है कि आगे हुई घटनाओं को दबाने की वजह से इसका मन बढ़ गया है इसके ऊपर कोई कार्रवाई न होना कहीं ना कहीं स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि ऐसे डॉक्टरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी जो एनम का कोर्स करने के बाद डॉक्टरी कर रहे हैं मासूम बच्चे का मौत व्यर्थ नहीं जाएगा।

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