WhatsApp Icon

सम्पूर्ण समाधान दिवस पर आए फरियादियों की समस्याओं को प्राथमिकता पर हल करने का दिया ने दिया निर्देश

Sharing Is Caring:

बलिया: तहसील सिकंदरपुर में मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ जिसमें जिलाधिकारी हरि प्रताप शाही व पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र नाथ ने जनता की समस्याओं को सुना। इस दौरान राशन, पेंशन, अवैध कब्जा,भूमि विवाद आदि से जुड़े कुल 159 शिकायती प्रार्थना पत्र आए, जिनमें 8 का मौके पर निस्तारण कराया गया।
अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी ने शेष प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को समयान्तर्गत व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सौंपा। समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं का निराकरण सरकार की प्राथमिकताओं में एक है। समस्या चाहे छोटी हो या बड़ी, पूरी गम्भीरता से उसका निस्तारण करना है। जोर देकर कहा, निस्तारण ऐसा हो जिससे शिकायतकर्ता सन्तुष्ट हो जाए। विशेष तौर पर राजस्व विभाग और पुलिस विभाग को संयुक्त टीम बनाकर मामले निपटाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर तहसील क्षेत्र के दूर-दूर से आए हर शिकायतकर्ताओं की बात जिलाधिकारी ने सुनी। इसके बाद जनता से सीधे तौर पर जुड़े अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन से सम्बंधित जरूरी जानकारी ली। इस दौरान एसडीएम अन्नपूर्णा गर्ग, बीएसए शिवनारायण सिंह, डीएसओ केजी पांडेय, डीडीओ शशिमौली मिश्रा समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। 

स्थलीय सत्यापन के लिए अधिकारियों को भेजा

जल निगम की परियोजना के बाबत पूछताछ में बताया गया कि नवानगर ब्लॉक के 6 गांवों में शुद्ध पानी देने के लिए पाइप पेयजल योजना चलाई जा रही है। वहीं, पंदह के कुछ गांवों में भी यह योजना चल रही है। जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता को निर्देश दिया कि दोनों ब्लॉक के एक-एक गांव में जाएं और देखें कि हैंडओवर होने की स्थिति, उसका सदुपयोग और परियोजना से जुड़ी पूरी स्थिति से अवगत करावें। वहीं, तहसीलदार दूधनाथ राम को सिकन्दरपुर तहसील में संचालित दो गौशालाओं का स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। उप निदेशक कृषि को निर्देश दिया कि आधार लिंकेज व पीएफ एमएस के लिए तहसील में कर्मचारी बैठाएं और उनका सम्पर्क नम्बर एसडीएम व तहसीलदार को भी दें।

अन्य खबर

खतरे का सायरन बजते ही बुझानी होगी सभी लाइटें, ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की समीक्षा

आवारा कुत्तों का आतंक, गांव दहशत में, सुप्रीम कोर्ट का आदेश बेअसर

जलालपुर में विकास कार्य बना भ्रष्टाचार का नमूना! मिट्टी पर बिछा दी इंटरलॉकिंग, मानकों की खुलेआम धज्जियां

error: Content is protected !!

We use cookies for analytics and advertising. By continuing to use this site, you consent to our use of cookies.