—तो क्या रिजवान की मौत के पीछे वास्तव में खाकी ही है !

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मृतक रिजवान के पारिवारिक डॉक्टर के बयान से आया बहुचर्चित मामले में नया मोड़

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अम्बेडकरनगर: टाण्डा नगर क्षेत्र के छज्जापुर निवासी इसराइल के पुत्र रिजवान अहमद को कल देर शाम सुपुर्दे खाक कर दिया गया लेकिन मृतक के पारिवारिक चिकित्सक की वीडियों वायरल होने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं हालांकि अभी पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मृतक रिजवान अहमद के पिता ने टाण्डा कोतवाली पुलिस को तहरीर देते हुए स्पष्ट रूप से दावा किया था कि उसके पुत्र को 15 अप्रैल की शाम 04 बजे पोस्ट ऑफिस के पास महिला दरोगा व अन्य पुलिस वालो ने मारा था जिसके बाद जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई लेकिन उनके पारिवारिक डॉक्टर अब्दुल हकीम ने जांच के दौरान टाण्डा कोतवाल संजय कुमार पाण्डेय को बताया कि मृतक की फूफी 5 – 6 दिन पहले उनकी क्लिनिक पर आई थी और बताया था कि बाइक से गिरने के कारण रिजवान के पैर में चोट लग गई है, तो उन्होंने प्राथमिक उपचार की दवा अड़े दिया लेकिन फायदा न होने के कारण वो उसे देखने उसके घर भी गए थे। श्री हकीम के अनुसार मृतक के पैर (जांघ) पर गहरा ज़ख्म था और इंफेक्शन काफी बढ़ गया था इसलिए उन्होंने स्पेशलिस्ट को देखिने के लिए कहा था जिसके बाद परिजन टाण्डा सरकारी अस्पताल ले गए जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मृतक के पारिवारिक चिकित्सक ने बताया कि मृतक या उसके परिजन ने उनसे एक बार भी नहीं बताया था कि पुलिस ने मारा है बल्कि बार बार यही कहते थे कि धुरियहिया में बाइक से गिरने के कारण चोट लगी है। डॉक्टर अब्दुल हकीम ने दावा भी किया कि पुलिस की लाठी से उस तरह का ज़ख्म हो ही नहीं सकता है। उन्होंने बताया कि रिजवान के पिता ने दूसरी शादी किया था और रिजवान अपने चाचा के साथ ही रहता था। दूसरी तरफ पुलिस के आला अधिकारी पोस्ट ऑफिस (ताज तिराहा) के आस पास का सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही हैं लेकिन पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली है।

22 वर्षीय रिजवान अहमद की मौत के बाद उसके पिता ने सीधे तौर पर पुलिस को आरोपी बनाया है लेकिन उनके ही पारिवारिक चिकित्सक के बयान व घटना स्थल से सीसीटीवी में किसी की भी पुलिस द्वारा पिटाई की फुटेज ना होने से कई गम्भीर सवाल उठने लगे हैं। बड़ा सवाल ये भी उभर कर आ रहा है कि अगर पुलिस के डंडे से रिजवान की मृत्यु नहीं हुई है तो उसके परिजनों ने पुलिस पर सीधा आरोप क्यों लगाया, कहीं इसके पीछे किसी की साजिश तो नहीँ है या मृतक के परिजन किसी के इशारे पर पुलिस के खिलाफ खुल कर सामने आए हैं। बहरहाल कुछ भी हो फिलहाल रिजवान के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और टाण्डा कोतवाली पुलिस अपनी जांच का दायरा बढ़ाने की बात कर रही है।
सोशल मीडिया का एक बड़ा धड़ ये पक्का काट चुका है कि टिज्वां अहमद की मृत्यु के पीछे खाकी है और इसी कारण लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों द्वारा मृतक के परिजनों को 20 से 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व आरोपी पुलिस वालों की पहचान कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की बात कर रहे हैं लेकिन मृतक रिजवान के पारिवारिक डॉक्टर का बयान सामने आने के बाद फिलहाल मामला पानी की तरह साफ नजर आने लगा है कि रिजवान की मौत के पीछे सीधे तौर पर खाकी ज़िम्मेदार नहीं है।

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