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दुनिया के 80 देशों को अपनी चपेट में केने वाला खतरनाक कोरोना वायरस के कारण अंतरराष्ट्रीय मार्किट में कच्चे तेलों की कीमतों में ज़बरदस्त गिरावट आई है जिसके कारण लगातार सातवें दिन भी डीजल व पेट्रोल की कीमतों में गिरावट दर्ज किया गया।

बुधवार को भी सस्ता हुआ तेल: इससे पहले मंगलवार को भी तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में कटौती की और यह सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक, कटौती के बाद मंगलवार को दिल्ली में पेट्रोल 1.15 रुपये तो डीजल के 1.02 रुपये सस्ता हुआ था।

प्रतिदिन बदलती है डीजल व पेट्रोल की कीमतें
आपको बताते चलेंकि 16 जून, 2019 से पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन अंतरराष्ट्रीय मार्केट के हिसाब से बदल रही हैं और कीमतों में बदलाव रोजाना सुबह 6 बजे होता। इसी के साथ देशभर के तमान पेट्रोल पम्पों हर दिन सुबह 6 बजे नई कीमतों की जानकारी दे दी जाती है।

1990 के दशक जैसा सस्ता हुआ कच्चा तेल
पेट्रोलियम पदार्थों की मार्केट के जानकारों की मानें तो पिछले 3 दशक के दौरान कच्चे तेल के दामों में इतनी अधिक गिरावट नहीं देखी गई है। इससे पहले 90 के दशक की शुरुआत में खाड़ी युद्ध के बाद के दौरान भी कच्चे तेल के दामों में इतनी गिरावट नहीं आई थी। सप्ताह की शुरुआत में ही यानी सोमवार को एशिया में मार्केट खुले तो कच्चे तेल की कीमत में 30 कीमत आई थी। कच्चे तेल को लेकर लगातार गिरावट के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि सऊदी अरब और रूस के बीच तेल की कीमतों को लेकर जारी जंग के चलते ऐसा हुआ है।

टैक्स के कारण महंगा पड़ता है पेट्रोल
खुदरा बिकने वाले पेट्रोल और डीजल के लिए जितनी रकम का आप भुगतान करते हैं, उसमें आप 55.5 फीसदी पेट्रोल के लिए और 47.3 फीसदी डीजल के लिए आप टैक्स चुका रहे होते हैं।

डीलरों का भी होता है मुनाफा
डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।

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