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अम्बेडकरनगर: हालात व परिस्तिथियाँ चाहे जो भी हो लेकिन अगर कुछ करने का जज़्बा हो तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती है। इस बात को वरिष्ठ समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा ने सही साबित कर दिया है। लॉक डाउन के दौरान निर्धन असहायों को निःशुल्क भोजन (लँगर) कराने के साथ ही उन्होंने गरीब परिवार की एक महिला का अंतिम संस्कार कराकर अपना वचन निभाया। श्री बग्गा ने जनपद ही नहीं आस पास के जनपदों में भी लावारिश लाशों के अंतिम संस्कार का संकल्प लिया था। आपको बताते चलें कि 30 वर्षीय अपूर्णा शर्मा पत्नी विजय शर्मा निवासी कस्बा पूरब कोयरना ने लगभग डेढ़ माह पूर्व पारिवारिक कलह से तंग आ कर अपने शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़क कर स्वयं को आग के हवाले कर दिया था जिसका जिला अस्पताल में लगातार इलाज़ चल रहा था। लॉक डाउन के दौरान जिला अस्पताल में ही उसकी मृत्यु हो गई जिसका शव पोस्टमार्टम के उपरांत शुक्रवार की देर शाम में मिला। असहाय परिवार की अपील पर वरिष्ठ समाजसेवी श्री बग्गा ने अपने सहयोगियों के साथ सरयू तट किनारे डिग्री कालेज के पीछे पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया। उक्त अवसर पर सरफराज अहमद, धर्मेंद्र, पंकज कन्नौजिया, शादाब खान, जीबी सिंह, राहुल कन्नौजिया, रोहित कन्नौजिया, मो.हुसैन रिंकू, मुकेश मौर्य आदि शामिल रहे। लक डाउन के दौरान भी लावारिश लाशों के अंतिम संस्कार के संकल्प को पूरा करते हुए कोविड-19 की महामारी से बचने के लिए श्री बग्गा की सेवहि धर्मा टीम महाजंग में जुटे सभी लोगों के वाहनों के सेनिटीज़रिंग में लगे हुए हैं।

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