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अम्बेडकरनगर: कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आने से जनपद में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए अपनों को किनारा कसता देखा अजा रहा है। गत दिनों कोरोना संक्रमित गंगाराम की मृत्यु के बाद उनके परिजनों ने तो शव लेने से ही इनकार कर दिया था, जिसकी सूचना के बाद अयोध्या पहुंचे वरिष्ठ समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा ने हिन्दू रीति रिवाज व पूरे धार्मिक अनुष्ठान के साथ गंगाराम का अंतिम संस्कर किया था। शुक्रवार की देर रात्रि बरियावन निवासी आबिद हुसैन का शव उनके गांव लाया गया, जहां अंतिम संस्कार के लिए परिजनों सहित अन्य लोगों ने भी दूरी बना लिया था। सूचना मिलते ही पहुंचे वरिष्ठ समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा ने रात्रि 3 बजे मुस्लिम रीतिरिवाज के साथ उनका कफ़न दफन किया। श्री बग्गा कब्र में स्वयं उतर कर दफन की प्रक्रिया पूरी किया।
आपको बताते चलेंकि बरियावन निवासी आबिद हुसैन हाल ही में मुम्बई से लौटे थे तथा किडनी की समस्या से भी ग्रसित चल रहे रहे। स्वास्थ खराब होने पर उनका सैम्पल जांच के लिए भेज गया तथा इलाज़ के लिए लखनऊ रेफर कर दिया गया था। लखनऊ में ही शुक्रवार की सुबह मृत्यु होम की सूचना प्राप्त हुई। एम्बुलेंस के सहारे रात्रि लगभग 2 बजे उनका शव जनपद लाया गया। प्राप्त सूचना के अनुसार कोरोना पास्टिव आबिद हुसैन का शव आने की खबर पर उनके परिजन व अन्य लोग कफन दफन को लेकर चिंतित हो गए थे तो उनके एक रिश्तेदार ने रात्रि 1 बजे वरिष्ठ समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा को फ़ोन कर सूचना दिया। श्री बग्गा अपने आराध्य वाहे गुरु जी का आदेश समझ कर तत्काल घर से निकल पड़े, और अपने ही हाथों से आबिद हुसैन को कब्र में उतारा तथा दफन की प्रक्रिया पूरी किया।
बहरहाल कोरोना संक्रमित लोहों की मृत्यु के बाद जहां अपने साथ छोड़ते नज़र आते हैं वहीं वर्षों से लावारिश लाशों के अंतिम संस्कार करने वाले वरिष्ठ समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा सहर्ष इसे ऊना कर्तव्य समझ कर पूरा करते नज़र आ रहे है, जिसके प्रशासनिक अमले में ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण क्षेत्र में सराहना हो रही है।

कोरोना पास्टिव गंगाराम का शव छोड़कर भागे परिजन तो —-