सूचना न्यूज़ Whatsapp Join Now
Telegram Group Join Now

कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को अम्बेडकर नगर जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने जनपद में संचालित मदरसा के ज़िम्मेदारों व संभ्रान्त नागरिकों के साथ विशेष बैठक कर नागरिकता संसोधन कानून पर खुल कर प्रकाश डाला। उक्त अवसर पर इस्लामिक धार्मिक संस्था अदारे सरैया ने ज्ञापन सौंप कर कैब को वापस लेने की गोहार लगाई।


नागरिकता संसोधन कानून लागू होने के बाद बिल को वापस लेने का दबाव विशेष कर मुस्लिम समुदाय की तरफ से केंद्र सरकार पर बनाया जा रहा है। इस दौरान शांति व कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन अपनी सजगता दिखाते हुए लगातार बैठके भी कर रहा है। बुधवार को जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने पॉपीस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी व अपर जिलाधिकारी अमरनाथ रॉय के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में संचालित मदरसा के ज़िम्मेदारों व संभ्रान्त नागरिकों के साथ विशेष बैठक किया।

जिलाधिकारी श्री मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि नागरिकता संसोधन बिल को समझने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि कैब किसी भी भारतीय की नागरिकता को रद्द करने का कानून नहीं है बल्कि पाकिस्तान बांग्लादेश व अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक जो धार्मिक उत्पीड़न का शिकार हुए थे उन्हें नागरिकता प्रदान की गई है। श्री मिश्र ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा भ्रमिक व गलत अफवाह भी फैलाई जा रही है तथा जानकारी की अभाव में लोग लोग गुमराह होकर उग्र हो जाते हैं इसलिए कैब की पूरी जानकारी प्राप्त करने की जरूरत है। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि 31 दिसम्बर तक जिला में धारा 144 लागू है तथा सोशल मीडिया पर भी पैनी नज़र रखी जा रही है।

श्री प्रियदर्शी ने कैब कानून को समझने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। उक्त अवसर पर अपर जिलाधिकारी अमरनाथ रॉय ने कैब पर विस्तृत प्रकाश डाला।इस्लामिक धार्मिक संस्था अदारे सरैया ने जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि भारतीय संविधान के आर्टिकल 14 के तहत देश में रहने वाले हर धर्म के लोगों को समान दर्ज़ा देने का प्रावधान है जबकि नागरिकता संसोधन बिल इसके विपरीत है इसलिए इस बिल को वापस लेना चाहिए।अदारे सरैया ने आज सुबह टाण्डा उप जिलाधिकारी महेंद्र पाल सिंह को भी एक ज्ञापन सौंप कर महामहिम राष्ट्रपति से कैब कानून को वापस लेने की गोहार लगाई। कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई बैठक में काफी संख्या में इस्लामिक विद्वान व संभ्रान्त नागरिक मौजूद रहे।