अम्बेडकरनगर जिले एक बड़ी रेल दुर्घटना होते-होते टल गई। अकबरपुर-टांडा रेलवे स्टेशन के बीच स्थित अरखापुर मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर एक अर्टिगा कार ट्रेन की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार करीब 200 मीटर तक ट्रेन के साथ घिसटती चली गई, जिससे मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि लोको पायलट की सतर्कता और स्थानीय लोगों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। 
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार UP 32 PW 0093 नंबर की अर्टिगा कार मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पार कर रही थी। इसी दौरान ट्रेन आ गई और कार सीधे उसकी चपेट में आ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार के अंदर तेज आवाज में गाना बज रहा था, जिसके कारण चालक ट्रेन की आवाज और हॉर्न नहीं सुन सका। यही लापरवाही हादसे की वजह बनी।
टक्कर के बाद ट्रेन कार को काफी दूर तक घसीटते हुए ले गई। हादसा देखकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर दौड़ पड़े। कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए लोगों ने कड़ी मशक्कत की। स्थानीय लोगों के सहयोग से कार में सवार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेन के लोको पायलट ने समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगाने का प्रयास किया, जिससे ट्रेन की रफ्तार नियंत्रित हुई और एक बड़े हादसे की आशंका टल गई। यदि ट्रेन पूरी गति से चल रही होती तो घटना और भी भयावह हो सकती थी।
घटना के बाद रेलवे ट्रैक के आसपास लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर रेलवे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा मामले की जांच शुरू कर दी। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि कार सवारों के संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
यह घटना एक बार फिर मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर बरती जाने वाली लापरवाही और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। रेलवे लगातार लोगों से क्रॉसिंग पार करते समय सतर्क रहने की अपील करता है, लेकिन थोड़ी सी असावधानी जानलेवा साबित हो सकती है।




