WhatsApp Icon

हाउस टैक्स प्रकाशन पर पूर्व चेयरमैन ने उठाया बड़ा सवाल – नगर पालिका ने कर दी है गलती

Sharing Is Caring:

हड़बड़ाहट व विवेकहीन तरीके से मनमानी दर का नगर पालिका ने कराया है त्रुटिपूर्ण प्रकाशन : हाजी इफ्तेखार

अम्बेडकरनगर: प्रदेश सरकार की मंशानुसार नगर पालिका टांडा हाउस वॉटर टैक्स रिवीजन की प्रक्रिया में लगा हुआ है। उक्त क्रम में नगर पालिका द्वारा गत 28 सितंबर को वार्डवार मासिक किराया दर की सूची का प्रकाशन कर 15 दिवस में आपत्तियां आमन्त्रित किया है जिसमें जागरूक नागरिकों द्वारा आपत्तियां लगाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इस बीच पूर्व चेयरमैन हाजी इफ्तेखार अहमद अंसारी ने नगर पालिका द्वारा प्रकाशन कराए गए विज्ञापन पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। श्री इफ्तेखार ने कहा कि मासिक किराया दर को वर्ग फ़ीट या वर्ग मीटर में प्रकाशन कराना चाहिए था जबकि नगर पालिका द्वारा हड़बड़ाहट व विवेकहीन तरीके से मनमानी दर त्रुटिपूर्ण प्रकाशन कराया है।

श्री इफ्तेखार का दावा है कि क्योंकि सड़कों की चौड़ाई मीटर में प्रकाशित कराई गई है इसलिए मासिक किराया दर भी हम सब मीटर में ही मान रहे हैं, लेकिन नगर पालिका को स्पष्ट करना चाहिए।
श्री इफ्तेखार ने दावा किया कि गृह व जल कर नियमावली 2010 की वैधानिकता का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि उक्त नियमावली में ही कर अत्यधिक था जिसको लेकर आज तक लोग हैरान परेशान है और अभी तक कर नहीं जमा कर सके हैं।
बुनकर नेता पूर्व चेयरमैन हाजी इफ्तेखार अहमद अंसारी ने नगर पालिका द्वारा प्रकाशित सूची दर में 09 मीटर से कम सड़कों की चौड़ाई बताई गई है जबकि टांडा नगर पालिका में अधिकांश सड़कें 04 मीटर से कम की है इसलिए उनकी दर का प्रकाशन होना चाहिए और प्रकाशन में अधिनियम की धारा 130 से 135 का भी पालन नहीं किया गया है और ना ही 28 जून 2024 की नियमावली का प्रकाशन कराया गया है तो नियम विरुद्ध है।
बहरहाल 28 सितंबर को हाउस वॉटर टैक्स रिवीजन के उद्देश्य से प्रकाशित मासिक किराया दर को वर्ग फ़ीट अथवा वर्ग मीटर में उल्लेख ना किए जाने पर पूर्व चेयरमैन हाजी इफ्तेखार अंसारी ने सवाल खड़ा करते हुए नगर पालिका प्रशासन पर हड़बड़ाहट व विवेकहीनता का गंभीर आरोप लगाया है।

अन्य खबर

जिस जलती झोपड़ी से किताब बचाकर निकली थी मासूम अनन्या, पुनः उसी पर चला बुलडोज़र — अब बनेगा चिल्ड्रन पार्क

टांडा नगर में करोड़ों की लागत से बना राजकीय सदभाव मंडप लेकिन फिर भी भटक रही है आम जनता —कागज़ों में शुरू, ज़मीन पर अब भी सन्नाटा?

🚲 इस्तीफा, नाराज़गी और फिर!! विधायक के एक पत्र से 24 घंटे में यू-टर्न—सपा में कसीम अशरफ की कुर्सी पर क्या है ‘अंदरूनी पटकथा’

error: Content is protected !!

We use cookies for analytics and advertising. By continuing to use this site, you consent to our use of cookies.