अम्बेडकरनगर: जलालपुर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत नगपुर में विकास कार्यों की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए शुरू किया गया नाली एवं सड़क निर्माण कार्य पिछले आठ से नौ माह से अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य बीच में ही बंद कर दिए जाने से ग्रामीणों का जीवन दुश्वार हो गया है। लोगों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और पंचायत अधिकारियों की उदासीनता के कारण अधूरा निर्माण अब गांववासियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन चुका है।
ग्रामीणों के अनुसार संजय गुप्ता के घर से राजेश डॉक्टर के घर तक नाली और सड़क निर्माण का कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन कुछ दिन काम होने के बाद अचानक बंद कर दिया गया। सड़क को खोदकर छोड़ दिए जाने से पूरा मार्ग जर्जर हो गया है। जगह-जगह बने गड्ढों के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, जबकि साइकिल, बाइक और अन्य छोटे वाहनों का आवागमन प्रभावित हो चुका है।
बरसात का मौसम सिर पर होने के कारण ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। अधूरी नाली के चलते जलभराव की आशंका बनी हुई है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो बरसात में हालात और भयावह हो जाएंगे।
गांव निवासी संजय गुप्ता, राजमल मौर्य, राम अवध मौर्य और राम शब्द मौर्य समेत कई लोगों ने बताया कि मोहल्ले में एक गंभीर मरीज भी है, जिसे अस्पताल ले जाने के लिए कई बार चारपाई के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। खराब रास्ते के कारण आपातकालीन स्थिति में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार ग्राम प्रधान, पंचायत अधिकारियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन किसी ने समस्या के समाधान की दिशा में गंभीर पहल नहीं की। आठ से नौ माह बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं कराया गया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी राहुल यादव ने बताया कि तकनीकी कारणों से कार्य लंबित था। उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में है और शीघ्र ही निर्माण कार्य पुनः शुरू कराकर पूरा कराया जाएगा। वहीं एडीओ पंचायत बृजेश तिवारी ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। संबंधित ग्राम सचिव से जानकारी लेकर जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कराने की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर विकास कार्य अधूरा छोड़ने वालों की जवाबदेही तय कब होगी और गांव को इस बदहाल रास्ते से निजात कब मिलेगी।





