अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: गोपाल सोनकर) नगर पालिका परिषद जलालपुर द्वारा उस्मापुर के चिल्वानिया मोड़ पर जल निकासी के लिए कराया जा रहा नाला निर्माण अब स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। महीनों से अधूरा पड़ा यह निर्माण कार्य क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे अब “बीरबल की खिचड़ी” की संज्ञा दे रहे हैं, क्योंकि न तो नाला पूरा हो पा रहा है और न ही समस्या का समाधान हो रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार नाला निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी करते हुए जरूरत से अधिक गहरी खुदाई कर दी गई। हालात यह हैं कि नाला मुख्य सड़क की सतह से करीब तीन फीट नीचे चला गया है। निर्माण की गुणवत्ता और गहराई को लेकर क्षेत्रवासियों ने विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद पिछले चार से पांच महीनों से कार्य लगभग ठप पड़ा हुआ है।अधूरे निर्माण का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। नाले की अधिक गहराई के कारण लोगों के घरों के सामने आवागमन बाधित हो गया। मजबूरन कई परिवारों ने अपनी जेब से पैसा खर्च कर नाले की ऊंचाई बढ़वाई और पटिया रखवाकर आने-जाने की व्यवस्था की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
सबसे चिंताजनक स्थिति बिजली विभाग के पोल को लेकर है। नाले के किनारों पर मिट्टी भरान न होने से एक विद्युत पोल नीचे से उखड़ गया है और वर्तमान में केवल बिजली के तारों के सहारे हवा में लटका हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह पोल कभी भी गिर सकता है और आसपास के अन्य पोलों को भी अपनी चपेट में ले सकता है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर पालिका और ठेकेदार की लापरवाही के चलते पूरा इलाका खतरे के साये में जी रहा है। बरसात शुरू होने के बाद स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों ने तत्काल नाला निर्माण पूरा कराने, मिट्टी भरान कराने तथा लटकते विद्युत पोल को सुरक्षित करने की मांग की है। इस संबंध में विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता झब्बू लाल ने बताया कि विभाग को मामले की जानकारी है। संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है तथा पोल को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई जल्द कराई जाएगी।
फिलहाल सवाल यह है कि जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं या फिर समय रहते चेत जाएंगे। क्योंकि बारिश के मौसम में अधूरा नाला और तारों के सहारे लटका बिजली पोल किसी भी वक्त बड़े हादसे की वजह बन सकता है।




