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बिना इंतेज़ार गेंहू बिक्री के लिए “प्राथमिकता फॉर्मूला” लागू होने से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

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अम्बेडकरनगर: जिले में गेहूँ खरीद को लेकर प्रशासन ने नया “प्राथमिकता फॉर्मूला” लागू कर दिया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जो किसान गोशालाओं में भूसा दान करेंगे, उनके गेहूँ की खरीद क्रय केंद्रों पर बिना प्रतीक्षा सूची के तत्काल की जाएगी। इसके लिए किसानों को पंचायत सचिव द्वारा जारी भूसा दान प्रमाण पत्र दिखाना होगा।


प्रशासन ने सभी गेहूँ क्रय केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने वाले किसानों की खरीद पहले की जाए। यानी अब भूसा दान करने वाले किसानों को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा और सीधे उनकी उपज खरीदी जाएगी।
जिलाधिकारी ने जनपद के किसानों से अपील करते हुए कहा है कि अपने गांव के आसपास संचालित गोशालाओं में भूसा दान करें, पंचायत सचिव से प्रमाण पत्र लें और गेहूँ खरीद केंद्रों पर बिना किसी देरी के बिक्री करें।
बताया गया कि वर्ष 2026-27 के लिए जिले में 6 एजेंसियों के माध्यम से कुल 73 गेहूँ क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां 30 मार्च 2026 से खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रशासन का दावा है कि इससे गोशालाओं में चारे की समस्या भी दूर होगी और किसानों को खरीद में प्राथमिकता भी मिलेगी।
हालांकि इस फैसले को लेकर चर्चा तेज है—एक तरफ इसे गोशाला सहायता का कदम बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर सवाल उठ रहे हैं कि क्या बिना भूसा दान वाले किसानों को इंतजार करना पड़ेगा? फिलहाल प्रशासन ने साफ कर दिया है—भूसा दान करें, प्रमाण पत्र लाएं और तुरंत गेहूँ बेचें।

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