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दलित महिला की भूमि पर हो रहा है कब्ज़ा – दस्तावेज लेकर दरबदर भटक रही है पीड़िता

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दलित महिला की भूमि पर हो रहा है कब्ज़ा – दस्तावेज लेकर दरबदर भटक रही है पीड़िता

अम्बेडकरनगर: अनुसूचित जाति की महिला की भूमि पर दबंगों द्वारा ज़बरन कब्ज़ा करने का क्रम अनवरत जारी है और पीड़िता को उक्त भूमि के निकट जाने पर विपक्षीगण जान से मारने की धमकी दे रहे हैं जिससे हैरान व परेशान पीड़िता अधिकारियों की चौखटें नापने पर मजबूर हैं लेकिन कोई अधिकारी सुधि लेने वाला नहीं है।
मामला टांडा तहसील के अलीगंज थानाक्षेत्र के अलहदादपुर का हैं। अनूसूचित जाति की पीड़िता कुंती देवी पत्नी राम दयाल की खतौनी की भूमि गाटा संख्या 171 पर पुरानी बाउंड्रीवाल बनी हुई है जिस पर विपक्षियों द्वारा बाहर से दरवाज़ा पर ताला बंद कर अंदर से निर्माण करा रहे हैं। पीड़िता कुंता देवी ने बताया कि उनकी खतौनी की भूमि पर बने बाउंड्रीवाल के दरवाजा का ताला विपक्षियों ने तोड़कर नया ताला लगा लिया और उसके अंदर जबरन निर्माण करा रहे हैं जिसकी शिकायत डेढ़ माह पूर्व तत्कालीन थानाध्यक्ष शशांक शुक्ला से किया गया था लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। पीड़िता का दावा है कि ज़बरन कब्ज़ा की शिकायत टांडा एसडीएम से की गई थी तो उन्होंने कानूनगो को जांच करने के लिए कहा था लेकिन आज तक उनके पास क्षेत्रीय लेखपाल अथवा कानून गो का फोन तक नहीं आया बल्कि विक्षियों से मिलकर निर्माण करवाने में जुटे हैं।


पीड़िता कुंता देवी ने पुलिस कप्तान डॉ कौस्तुभ की चौखट पर भी फरियाद लगाई लेकिन उसका अभी कोई लाभ नहीं मिला सका। पीड़िता कुंता देवी ने बताया कि विपक्षी मुर्सलीन, आलमीन, फुकीन व मुकार्रबीन पुत्रगण बब्बू ढोंटा वाले द्वारा दबंगई के बल पर उनकी खतौनी की भूमि पर अवैध कब्जा कर रहे हैं और बार-बार धमकी दे रहे हैं कि उक्त भूमि को भूल जाओ नहीं तो जान से मार देंगे जिससे पीड़िता कुंता देवी भयभीत हैं और अधिकारियों की चौखटों पर फरियाद ले कर जा रही हैं लेकिन अवैध निर्माण बदस्तूर जारी है।

कुंती देवी व उनके पति राम दयाल के नाम खतौनी

प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता कुंता देवी के पति राम दयाल के भाई राम सेवक व मिश्रीलाल थे और तीनों भाइयों में उक्त भूमि का बंटवारा हुआ था लेकिन मिश्रीलाल के कोई औलाद नहीं थी जिनकी सेवा कुंती देवी करती थी। मिश्रीलाल ने अपने जीवनकाल के दौरान कुंती देवी को वसीयत नामा कर दिया था। उक्त वसीयत नामा के आधार पर कुंती देवी का नाम खतौनी पर दर्ज हुआ और कुंती देवी शुरू से ही उक्त भूमि पर काबिज रही। कुंती देवी द्वारा अपनी खतौनी की भूमि पर बाउंड्रीवाल करा कर दरवाज़ा लगवाया लेकिन विपक्षियो द्वारा ताला तोड़कर नया ताला लगाते हुए उक्त भूमि पर कब्जा कर लिया। विपक्षियों का कहना है कि मिश्रीलाल द्वारा उक्त भूमि उनसे बेचा गया था जिसकी एक स्टाम्प पेपर पर लिखा पढ़ी है हालांकि उसे रजिस्टर नहीं कराया गया था जबकि कुंती देवी ने दावा किया कि उनके जेठ मिश्रीलाल ने इस संबंध में कभी कोई वार्ता नहीं किया था।
बहरहाल वसीयत के आधार पर खतौनी में दर्ज अनुसूचित जाति की महिला की भूमि पर विपक्षियो द्वारा कब्ज़ा किया जा रहा है तथा पीड़िता दस्तावेज़ लेकर दरबदर भटक रही है लेकिन उसे फिलहाल इंसाफ मिलता नहीं दिखाई दे रहा है।

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