2024 में सभी सरकारी अस्पताल में थी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा
अम्बेडकरनगर: मुख्य चिकित्साधिकारी शनिवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को पत्र जारी करते हुए बताया कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पत्र संख्या 309 के अनुसार चयनित 195 हज यात्रियों का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप के अनुसार 25 अगस्त तक निर्गत करें।
उक्त आदेश से जनपद के हज यात्रियों में काफी आक्रोश व्याप्त है। हज यात्रियों का कहना है कि पूरे जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के हज यात्रियों को मात्र जिला अस्पताल में ही स्वास्थ प्रमाण पत्र बनाने का निर्देश दिया गया है जबकि 2024 में भी तत्कालीन सीएमओ द्वारा पत्र जारी कर सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने का आदेश जारी किया था।
बताते चलेंकि हज यात्रा की मंजूरी के दौरान यात्रियों को सरकारी अस्पतालों द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होता है। पूर्व में उक्त सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुहैय्या कराई जाती थी जहां चिकित्सक यात्रियों की काउंसलिंग करता था और आवश्यकता होने पर ही गंभीर जांच करता था और अतिआवश्यक होने पर जिला अस्पताल रेफर कर देता था जहां से जांच कर प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया जाता था लेकिन मौजूदा समय में सीएमओ संजय कुमार शैवाल ने पूर्व की व्यवस्था समाप्त करते हुए बताया कि हज यात्रियों की प्रारूप के अनुसार जांच सिर्फ जिला अस्पताल में ही सम्भव है। चर्चा है कि जनपद के सभी सीएचसी व पीएचसी पर एक वर्ष पूर्व जो व्यवस्थाएं व सुविधएं मौजूद थी, वो आज क्यों नहीं है।
जानकर बताते हैं कि हज यात्रियों के स्वास्थ्य जांच प्रारूप में दी गई सभी जांचों को नहीं करना होता है, बल्कि चिकित्सक काउंसिलिंग के दौरान जरूरत पड़ने पर आवश्यक जांच कराता है।
बहरहाल जनपद के सभी स्थानों से 2026 में जाने वाले हज यात्रियों को 25 अगस्त तक जिला अस्पताल में ही जांच कराने का आदेश जारी किया गया है जिससे हज यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, हैरान व परेशान हज यात्रियों में सीएमओ के नए आदेश से काफी आक्रोश व्याप्त है।