अम्बेडकरनगर। जिला कारागार में बंद महिलाओं के जीवन को नई दिशा देने की पहल शुरू हुई है। जिलाधिकारी ईशा प्रिया के निर्देश पर महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 35 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण बैंक ऑफ बड़ौदा के बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान (आरसेटी) द्वारा संचालित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, जेल अधीक्षक शिव मूरत सिंह एवं संस्थान निदेशक राजेश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण के तहत महिला बंदियों को ब्यूटी पार्लर संचालन, सौंदर्य सेवाओं और स्वरोजगार से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी, जिससे रिहाई के बाद वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों, मेहनत और कौशल के बल पर नई शुरुआत हमेशा संभव है। उन्होंने महिला बंदियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और प्रशिक्षण का पूरा लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) तथा अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि रिहाई के बाद उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
जेल अधीक्षक शिव मूरत सिंह ने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल एक कोर्स नहीं, बल्कि महिला बंदियों के बेहतर भविष्य की नींव है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और हुनर सीखकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।
संस्थान निदेशक राजेश कुमार ने बताया कि आरसेटी द्वारा संचालित यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है। इसके साथ ही सीएम युवा उद्यमी अभियान समेत विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी जाएगी। जिला कारागार में शुरू हुई यह पहल न केवल महिला बंदियों को कौशल विकास से जोड़ रही है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक वापसी और आत्मनिर्भर जीवन की नई उम्मीद भी दे रही है।




