टाण्डा सीएचसी पर व्याप्त अवस्थाओं के कारण आशा बहुओं में भी आक्रोश
अम्बेडकरनगर: टाण्डा सीएचसी पर व्याप्त अवस्थाओं के कारण नसबंदी कराने आई कई महिलाओं को बैरंग लौटना पड़ा। आशा बहुओ में भी आक्रोश व्याप्त है। प्रभारी अधीक्षक जबवाब देने से कतराते नज़र आए।
टाण्डा सामुदायिक सवास्थ्य केंद्र पर शासन की मंशा पर सरेआम पानी फेरा जा रहा है। नसबन्दी कराने आई तीन महिलाओं को बिना ऑपरेशन कराये हुई वापस लौटना पड़ा। बिजली की वैकल्पित व्यवस्था न होने के कारण सर्जन ने ऑपरेशन करने से इंकार कर दिया जबकि सीएचसी प्रभारी जवाब देने से कतराते नज़र आये। प्रेरक आशा बहुओं में भी आक्रोश देखा गया।
शासन की मंशानुसार बुधवार को टाण्डा सीएचसी पर साप्ताहिक नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था जिसमें आशा बहुओं द्वारा प्रेरित कर कुल 08 महिलाओ को नसबन्दी कराने के उद्देश्य से टाण्डा सीएचसी पर लाया गया। काफी इंतेज़ार के बाद मोबाइल की टच की रौशनी में पांच महिलाओं का ऑपरेशन किया गया जबकि तीन महिलाओं को पुनः आने के लिए कहा गया। सुबह से बिना जलपान के सीएचसी पर बैठी महिलाओं ने जब कारण पूंछा तो उनको बिजली की सूचित व्यवस्था ना होना बताया गया। सीएचसी प्रभारी डॉक्टर अजय कुमार ने बताया कि जनरेटर खराब चल रहा है और लाइट भी नहीं आ रही है हालांकि क्षेत्र में बिजली सप्लाई जारी रही। प्रभारी सीएचसी व नसबन्दी सर्जन लगातार अवस्थाओं का रोना रोते नज़र आये लेकिन किसी अन्य सवाल का जवाब नहीं दिया। आशा बहुओं में भी काफी आक्रोश व्याप्त है। बताते चलेंकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा नसबन्दी कराने वाली महिलाओं सहित प्रेरक को भी प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
बहरहाल टाण्डा सीएचसी में मोबाइल टार्च की रौशनी में पांच महिलाओं की नसबन्दी की गई लेकिन तीन महिलओं को बैरंग वापस भेज दिया गया जिससे काफी आक्रोश व्याप्त है।








