अम्बेडकरनगर: अधिवक्ता प्रभात मिश्र पर हुए जानलेवा हमले से गुस्साए हजारों अधिवक्ताओं का आक्रोश मंगलवार को फूट पड़ा। कलेक्ट्रेट परिसर में भारी संख्या में पहुंचे वकीलों ने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दबंग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रभात मिश्र एडवोकेट पर हुए हमले में पुलिस ने लगभग एक दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, लेकिन अब तक केवल दो आरोपियों को ही जेल भेजा गया है। बाकी नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे अधिवक्ताओं में भारी नाराज़गी है। वकीलों ने आरोप लगाया कि पुलिस की ढिलाई से दबंगों के हौसले बुलंद हैं और अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
बार एसोसिएशन की आमसभा में पारित प्रस्ताव में साफ कहा गया कि सभी आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, उनके खिलाफ गैंगस्टर जैसी सख्त कार्रवाई की जाए और अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम किए जाएं। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायिक कार्य ठप कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट परिसर में “अधिवक्ता पर हमला बर्दाश्त नहीं”, “दबंगों की गिरफ्तारी करो” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। बड़ी संख्या में वकीलों की मौजूदगी से प्रशासनिक अमले में भी हलचल मची रही। अधिवक्ताओं ने दो टूक कहा—गिरफ्तारी नहीं तो आंदोलन तेज होगा, जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।




