अम्बेडकरनगर: मोहर्रम की दूसरी तारीख पर टाण्डा नगर का माहौल गम-ए-हुसैन में डूबा रहा। परंपरा के अनुसार राजा साहब की कोठी से दूसरी मोहर्रम का जुलूस पूरे अकीदत और एहतराम के साथ बरामद हुआ।
जुलूस से पूर्व कोठी स्थित अज़ाखाने में मजलिस आयोजित की गई, जिसमें कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों को याद किया गया। मजलिस के बाद आंगन में नौहाख्वानी और सीनाज़नी का आयोजन हुआ, जहां अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को नम आंखों से याद किया।
सैय्यद जाफर रज़ा उर्फ राजा परवेज के नेतृत्व में निकला जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा। जुलूस राजा साहब की कोठी से शुरू होकर जुबैर चौराहा, चौक घंटाघर, हयातगंज, स्टेट बैंक, रौजा मीरानपुरा पहुंचा और वहां से वापस एलआईसी गली होते हुए कोठी पर समाप्त हुआ। पूरे मार्ग में “या हुसैन” की सदाओं और नौहों की गूंज सुनाई देती रही।
मोहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए कोतवाली निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी पुलिस बल के साथ लगातार मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे।
जुलूस में सैय्यद काज़िम रज़ा आब्दी उर्फ राजा नजमी, सैय्यद आलीशान, सैय्यद रईसुल हसन गुड्डू, रईस अंसारी, सैय्यद सईद, सैय्यद रेहान समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।




