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वृद्धा आश्रम में सम्पन्न हुई वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार विषयक पर गोष्ठी

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अम्बेडकरनगर:ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वृद्धा आश्रम में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर को सम्बोधित करते ह
हुए अजय कुमार मिश्र सिविल जज जूनियर डिवीजन त्वरित ने बताया कि बुजुर्ग किसी भी परिवार के हो, वो गहरी जड़ होते है, जिस पर पूरा परिवार टिका होता है। जिस तरह किसी पेड़ को मजबूत होने के लिये उसका जमीन में गहरी जड़ होना जरूरी है, जैसे किसी घर या बिल्डिंग को ऊंचाई में पंहुचाने के लिये गहरी नींव जरूरी है, उसी तरह परिवार को फलने फूलने व एक साथ रहने के लिये बुजुर्ग की जरूरत है। 60 वर्ष से ऊपर प्रत्येक नागरिक को वरिष्ठ नागरिक का दर्जा प्राप्त है तथा वे सरकारी सुविधाओं के हकदार हैं । बुजुर्ग वह है जो परिवार को एक धागे में पिरो के रखता है। बुजुर्ग व्यक्ति ही अपने अनुभव के आधार पर परिवार के लोगों को सही और गलत की परख बताते हैं, किन्तु आज के समय में कोई भी व्यक्ति बुजुर्गों को अपने साथ नहीं रखना चाहता है। आज यह समस्या इतनी विकराल रूप धारण करती जा रही है कि बुजुर्गों के प्रति इस तरह के बर्ताव के दृष्टिगत माननीय उच्चतम न्यायालय ने भारत सरकार को यह आदेश दिया कि वह देश के सभी प्रान्तों के जिलों में एक ओल्ड एज होम की स्थापना करें, जिससे बुजुर्गों को अपने अंतिम समय में इधर – उधर भटक कर दुश्वारी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बुजुर्गों के अधिकारों के बावत बताया कि वह अपने कमाऊ पुत्रों, पुत्रियों, बहुओं आदि से गुजारा भत्ता ले सकते है।
शिविर में बोलते हुये अम्बुज मिश्रा सिविल जज जूनियर डिवीजन तृतीय ने बताया कि समाज में बड़े बुजुर्गों का सम्मान कम होता जा रहा है। जिससे व्यक्ति का समाजिक स्तर गिरता चला जा रहा है। हमें अपने अंदर सुधार की जरूरत है। आधुनिक युग के बदलते परिवेश में लोग एकाकी जीवन ज्यादा पसंद कर रहे है , किन्तु शायद उन्हे यह पता नहीं है कि संयुक्त परिवार के क्या फायदे है उन्होने बताया कि आज के इस चकाचौंध के समय में लोगों के अंदर संस्कार की कमी होती जा रही है। आज के इस आधुनिक परिवेश में लोग अपने बच्चों की इच्छाओं की पूर्ति के लिये किसी तरह की कमी नहीं करना चाह रहे हैं किन्तु उनके संस्कारों के प्रति ध्यान न देने के कारण उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। यदि वह अपने बच्चों की ख्वाहिशों को पूरा करने में भले ही थोड़ा कम ध्यान देते और उन्हे संस्कारवान बनाते तो उनके बुढापे की लाठी उन्हें इस हालात में न छोड़ती।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रामचन्द्र वर्मा ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के तहत विभिन्न सुविधाएं दी जा रही हैं। जिसमें रेलवे एवं परिवहन बस से यात्रा करने पर विशेष छूट तथा उनके लिये आरक्षित सीटें भी दी जानी शामिल है तथा उनके लिये पेंशन की सुविधा तथा कर छूट का भी प्राविधान है। उन्होंने बताया कि हम सभी का परम दायित्व है कि अपने ही नहीं बल्कि सभी वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करें। विधिक साक्षरता शिविर में अजय कुमार मिश्र, सिविल जज ( जूडि ) त्वरित एवं अम्बुज मिश्रा सिविल जज (जू.डि. तृतीय) द्वारा वृद्धाश्रम में उपस्थित वृद्धजनों को फलाहार वितरित किया गया। इस शिविर में आर पी पाण्डेय, रामधन, राधेश्याम वर्मा, राम आसरे, मंशाराम, ओम प्रकाश वर्मा, राज किशोर, कमलेश, राम प्रहलाद, प्रदीप एवं विकास सिंह भारती व वृद्धाश्रम के कर्मचारीगण एवं मीडियाकर्मी आदि उपस्थित थे।

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