WhatsApp Icon

बड़ी सादगी के साथ भारतीय नववर्ष का स्वागत कर कोरोना की महामारी से छुटकारा के लिए की गई प्रार्थना

Sharing Is Caring:

अम्बेडकरनगर: पवित्र माँ सरयू की 51 हज़ार दीपों से आरती कर प्रत्येक वर्ष भारतीय नव वर्ष का ज़बरदस्त स्वागत पूजा अर्चना के बीच किया जाता था लेकिन कोरोना वायरस की महामारी के कारण चैत्र नवरात्र के अवसर पर बुधवार की देर शाम मात्र 11 दीपों से ही एकांत में स्वागत कर मां भगवती से महामारी से शीघ्र मुक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गई।

आपको बताते चलेंकि प्रत्येक वर्ष चैत्र नवरात्र के पवन अवसर पर टाण्डा नगर में स्थित ऐतिहासिक हनुमान गढ़ी के सामने से होकर गुजरने वाले पवित्र मां सरयू तट पर 51 हज़ार दीपों से महाआरती कर नव संवत्सर स्वागत समारोह समिति के बैनर तले भारतीय नववर्ष का स्वागत किया जाता रहा है लेकिन कोविड-19 की महामारी के कारण लॉकडाउन हुए पूरे देश को देखते हुए समति के अध्यक्ष आनन्द कुमार अग्रवाल व महामंत्री दिनेश नारायण सिंह ने पूरी समति की सहमति से उप जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए सभी धर्म प्रेमियों से अपील किया था कि अपने अपने घरों पर पूजा अर्चना कर मां भगवती से महामारी से छुटकारा दिलाने की प्रार्थना करें और इसी कारण प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष हनुमान गढ़ी के सामने कोई भीड़ नहीं उमड़ी परंतु पूजा अर्चना व धार्मिक अनुष्ठानों द्वारा गुरु पण्डित राकेश मिश्रा ने 11 दीपों से माँ सरयू की आरती कर भारतीय नवबर्ष का स्वागत किया तथा माता भगवती से पूरे विश्व से कोरोना वायरस की महामारी को समाप्त करने की प्रार्थना किया। उक्त अवसर पर मात्र तीन-चार लोगों को ही रहने की अनुमति दी गई थी और वो भी सोशल डिस्टेन्स अर्थात एक दूसरे से दूरी बना कर रहने की अनुमति दी गई थी। नववर्ष के स्वागत के दौरान मां सरयू की आरती पूजा व धार्मिक अनुष्ठान के उपरांत श्री मिश्रा ने कहा कि मां भगवती सब का कल्याण करतीं हैं और शीघ्र कोविड-19 की महामारी से पूरे विश्व को छुटकारा मिलेगा और उसके बाद हम सब मिलकर मां सरयू के किनारे एक बड़ा उत्सव मनाएंगे।

अन्य खबर

दो वर्ष पुराना हैवी ड्राइविंग लाइसेंस रखने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, सौ से अधिक चालकों की होगी भर्ती

विश्व हिंदू परिषद ने शौर्य दिवस के रूप में मनाया 06 दिसम्बर

टाण्डा तहसील में वकीलों की हड़ताल 22 वें दिन भी जारी, कोर्ट या चैंबर पर जाने से खत्म हो जाएगी सदस्यता या देना पड़ेगा भारी जुर्माना

error: Content is protected !!

We use cookies for analytics and advertising. By continuing to use this site, you consent to our use of cookies.