अब्दुल्लाहपुर में 14 जून तक चलेगा धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम, 12 को आफताब अजमत साबरी की कव्वाली और जुलूस-ए-चादर रहेगा मुख्य आकर्षण
अम्बेडकरनगर: प्रसिद्ध सूफी संत हज़रत शाह मोहम्मद यूनुस रहमतुल्लाह अलैह के 56वें सालाना यूनूसी उर्स मेले का शुभारंभ मंगलवार से अब्दुल्लाहपुर स्थित आस्ताना-ए-यूनुसिया में हो गया। सज्जादा नशीन एवं वारिस दरगाह हकीम शाह इरफान अहमद की सरपरस्ती में आयोजित यह छह दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन 9 जून से 14 जून तक चलेगा।
उर्स संयोजक मौलाना अब्दुल फायक मसऊद महबूबी ने बताया कि उर्स मेले में कुरआन ख्वानी, सीरत-ए-पाक, नातिया मुशायरा, जुलूस-ए-चादर, मजार शरीफ का गुस्ल, पैगंबर-ए-इस्लाम के पवित्र अवशेषों की जियारत तथा महफिल-ए-कव्वाली जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उर्स में प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि मंगलवार रात सीरत-ए-पाक के कार्यक्रम के साथ उर्स की औपचारिक शुरुआत हुई, जबकि आज बुधवार को अखिल भारतीय मुशायरे का आयोजन होगा। इसमें देश के जाने-माने शायर अपने कलाम पेश करेंगे और अदब की महफिल सजाएंगे।आयोजकों के अनुसार उर्स के दौरान धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का संगम देखने को मिलेगा। विशेष रूप से 13 जून को होने वाला जुलूस-ए-चादर और पवित्र अवशेषों की जियारत अकीदतमंदों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। वहीं 12 जून की रात आयोजित होने वाली भव्य कव्वाली में मशहूर बाल फनकार आफताब अजमत साबरी अपनी प्रस्तुति देंगे।
उर्स मेला कार्यक्रम विवरण: 09 जून (मंगलवार) रात्रि 09 बजे – सीरत-ए-पाक (पैगंबर-ए-इस्लाम के पवित्र चरित्र का बयान) कार्यक्रम बड़े ही खूबसूरत अंदाज़ में सम्पन्न हुआ।
आज 10 जून 2026 (बुधवार) रात्रि 09 बजे – अखिल भारतीय मुशायरा
शिरकत करने वाले प्रमुख शायर: हेलाल मुजबी रज्जाकी, शकील आरफी, शाजर मकनपुरी, वाहिद अंसारी, सगीर सबा मुरादाबादी, अफजल इलाहाबादी, ताबिशा सासारानी, सैफ शहजादपुरी, हाफिज कबीर यूनुसी और संचालन: दिलशाद फारूकी
11 जून (गुरुवार) हज़रत मिस्बाहुद्दीन अहमद साहब का फातिहा – हज़रत महबूबुल हसन सुहैल साहब के जश्न का कार्यक्रम रात्रि 09 बजे- महफिल-ए-कव्वाली
12 जून 2026 (शुक्रवार) मजार शरीफ के गुस्ल का मुख्य समारोह, रात्रि 09 बजे – भव्य कव्वाली – प्रसिद्ध बाल फनकार आफताब अजमत साबरी की विशेष प्रस्तुति
13 जून 2026 (शनिवार) – उर्स का विशेष दिन – प्रातः 09 बजे – कुरआन ख्वानी
दोपहर 01 बजे पैगंबर-ए-इस्लाम के पवित्र अवशेषों की जियारत – रात्रि 09 बजे – महफिल-ए-समा (कव्वाली) इसके बाद जुलूस-ए-चादर निकाला जाएगा, जो निर्धारित मार्गों से होकर आस्ताना-ए-यूनुसिया पहुंचेगा और चादरपोशी की जाएगी।
उर्स व मेला के अंतिम दिन 14 जून 2026 (रविवार) उर्स मेले का समापन दिवस – कुल शरीफ एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान – पूर्वाह्न 11 बजे तक कार्यक्रमों के साथ उर्स का समापन




