अम्बेडकरनगर: चिलचिलाती गर्मी के बीच बुधवार शाम मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि राहत के साथ आफत भी साथ ले आया। तेज आंधी-तूफान ने जहां शहर की रफ्तार थाम दी, वहीं किसानों की महीनों की मेहनत पर भी सीधा प्रहार किया।

टाण्डा नगर के मुसहां मोहल्ले में तूफान ने एक गरीब परिवार का टीनशेड आशियाना पूरी तरह उजाड़ दिया। घर के साथ छोटा कारखाना भी मलबे में तब्दील हो गया। हादसे में शमसाद और उनकी 12 वर्षीय बेटी घायल हो गए। समाजसेवी ज़फर हयात अंसारी द्वारा स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया।
उधर जलालपुर में भी हालात बिगड़े नजर आए। नरेंद्र इंटर कॉलेज में आयोजित होने वाले कवि सम्मेलन व मुशायरे के लिए लगाया गया टैंट तेज हवा में धराशायी हो गया, जिससे कार्यक्रम ठप पड़ गया। नगर पालिका के पास खड़ा पानी का टैंकर पलट गया, जबकि जीजीआईसी इंटर कॉलेज के पास एक बड़ा पेड़ गिरने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा।
लेकिन सबसे बड़ा नुकसान किसानों को झेलना पड़ा। तेज हवा और बारिश ने गेहूं की कटी फसल को बिखेर दिया, खेतों में पड़ी पूंज (गट्ठर) भीग गई। इससे अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। आम और सब्जी की फसल को भी भारी क्षति पहुंची है—कच्चे आम बड़ी संख्या में गिर गए, जिससे बागवानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। शादी-विवाह के सीजन में जगह-जगह लगे पंडाल और टैंट भी आंधी की चपेट में आकर उड़ गए, जिससे लोगों को अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ा।
गनीमत रही कि इस दौरान किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन तूफान ने आम लोगों और किसानों को आर्थिक रूप से झकझोर दिया है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन नुकसान का सही आकलन कर राहत देगा या फिर पीड़ित और किसान यूं ही अपने हाल पर छोड़ दिए जाएंगे।




