लगभग 16 करोड़ की लागत से हो रहा है गोसाईंगंज-भीटी-महरूआ-दोस्तपुर मार्ग पर हो रहा है दीर्घ सेतु का निर्माण
अम्बेडकरनगर। कटेहरी क्षेत्र में बिसुही नदी पर वर्षों से बहुप्रतीक्षित पुल अब तेजी से आकार ले रहा है। निर्माण कार्य में उल्लेखनीय प्रगति होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2028 की शुरुआत से इस पुल पर वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। पुल बनने से अम्बेडकरनगर, अयोध्या और सुल्तानपुर के बीच संपर्क पहले की तुलना में अधिक सुगम हो जाएगा, जिससे हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
गोसाईंगंज-भीटी-महरूआ-दोस्तपुर मार्ग पर बन रहे इस दीर्घ सेतु का निर्माण लगभग 15.69 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। परियोजना का करीब 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। नींव और सब-स्ट्रक्चर का निर्माण समाप्त होने के बाद अब सुपर स्ट्रक्चर पर तेजी से काम चल रहा है। निर्माण एजेंसी का लक्ष्य 31 दिसंबर 2027 तक परियोजना पूरी करने का है, ताकि नए वर्ष 2028 से पुल आम लोगों के लिए खोल दिया जाए।
करीब 71 मीटर लंबे इस डबल लेन पुल में 7.5 मीटर चौड़ा कैरिजवे बनाया जा रहा है। इसके तैयार होने के बाद क्षेत्र के लोगों को बरसात के दिनों में आवागमन की परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर लंबे समय से मजबूत पुल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। पुल के अभाव में लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ती थी। अब निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ने पर लोगों में उम्मीद जगी है कि वर्षों पुरानी मांग जल्द पूरी होगी।
पुल बनने के बाद तीन जिलों के बीच संपर्क और मजबूत होगा। इससे ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती प्रदान करेगी।
निर्माण कार्य की वर्तमान प्रगति को देखते हुए परियोजना समय पर पूरी होने की संभावना जताई जा रही है। यदि तय समयसीमा का पालन हुआ तो वर्ष 2028 की शुरुआत में बिसुही नदी पर बना यह नया पुल क्षेत्र के विकास की एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर सामने आएगा।





