अम्बेडकरनगर: मुहर्रम से पहले टांडा में ताजियादारी और धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर चल रहे कथित विवाद पर उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाया है। बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी जीशान रिजवी ने जिलाधिकारी एवं अपर सर्वे आयुक्त वक्फ, अम्बेडकरनगर को पत्र भेजकर वक्फ संख्या-813 के पूर्व मुतवल्ली द्वारा ताजियादार कमेटी के मामलों में हस्तक्षेप रोकने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
गत 12 जून को जारी पत्र में कहा गया है कि टांडा ताजियादार कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद जाफर रज़ा और सचिव सैय्यद रईसुल हसन गुड्डू द्वारा वक्फ बोर्ड को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की गई थी कि वक्फ संख्या-813 के कनीज फिज्जा बीबी सैय्यद मो.रज़ा के मोतवल्ली सैय्यद काज़िम रज़ा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर ताजियादारी से जुड़े कार्यक्रमों एवं मोहर्रम के आयोजनों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड ने अपने अभिलेखों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि संबंधित पूर्व मुतवल्ली का अधिकार केवल वक्फ की संपत्तियों एवं उससे जुड़े कार्यों तक सीमित है। ताजियादार कमेटी के कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों में किसी भी प्रकार का अनावश्यक हस्तक्षेप उचित नहीं माना जा सकता।
बोर्ड ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि शिकायतों में उल्लिखित तथ्यों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नगर टांडा में शांति व्यवस्था प्रभावित न हो और मोहर्रम के अवसर पर सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे। इस मामले की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक अम्बेडकरनगर, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली टांडा तथा शिकायतकर्ताओं को भी भेजी गई है।
बताते चलेंकि टाण्डा नगर क्षेत्र में 10वीं मोहर्रम पर ऐतिहासिक ताजिया जुलूस बरामद होता है जो मीरानपुरा स्थित राजा साहब के इमाम बाड़ा से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होता हुआ बड़ी ही खूबसूरती के साथ संपन्न होता है। उक्त ताजिया जुलूस पूर्व में कनीज़ फिज्ज़ा बीबी सैय्यद मोहम्मद रज़ा वक्फ बोर्ड के मोतवल्ली द्वारा संचालित किया जाता रहा है लेकिन डेढ़ दशक पूर्व मोहर्रम ताजिया जुलूस को व्यवस्थित करते के लिए स्थानीय प्रशासन की सहमति से टाण्डा तजियादार कमेटी का गठन किया गया था जिसमें शिया व सुनने समुदाय के सभी लोगों को भी शामिल किया गया था। उक्त जुलूस का नेतृत्व करने के लिए जहां टाण्डा तजियादार कमेटी अपन मज़बूत दावा करती है वहीं वक्फ कनीज़ फिज्ज़ा बीबी सैय्यद मो रज़ा के मोतवल्ली द्वारा अभी प्रबल दावेदारी की जाती रही है, जिसको लेकर दोनों पक्ष आमने सामने हो जाते रहे हैं और इस बीच स्थानीय प्रसाशन काफी सूझबूझ का परिचय देते हुए पर्व को सकुशल सम्पन्न करता रहा है। इस खींचातानी के बीच वक्फ बोर्ड का बड़ा हस्तक्षेप सामने आया है जिसके अनुसार टाण्डा तजियादार कमेटी को मोहर्रम ताजिया जुलूस का नेतृत्व करने का निर्देश है जबकि वक्फ कनीज़ फिज्ज़ा बीबी सैय्यद मो रज़ा के मोतवल्ली को वक्फ से सम्बंधित कार्यों व धार्मिक कार्यों को करने एवं टाण्डा तजियादार कमेटी के कार्यों में हस्तक्षेप ना करने के लिए निर्देशत किया है।
बहरहाल मुहर्रम से पहले वक्फ बोर्ड की इस कार्रवाई को टांडा की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में बड़ा हस्तक्षेप माना जा रहा है। पत्र सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।




