अम्बेडकरनगर/लखनऊ: मोहर्रम के दौरान टाण्डा नगर में ताजिया जुलूसों और धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार को नया मोड़ आ गया। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी जीशान रिजवी द्वारा जारी पत्र में बोर्ड के पूर्व आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
जानकारी के अनुसार, वक्फ कनीज फिज्जा बीबी व सैयद मोहम्मद रजा (पंजीयन संख्या 1-813) से जुड़े मामले में बोर्ड ने 12 जून 2026 को एक पत्र जारी कर पूर्व मुतवल्ली सैयद काजिम रजा आब्दी को अपने वक्फ तक सीमित रहने तथा टाण्डा ताजियेदार कमेटी और नगर के अन्य मोहर्रम कार्यक्रमों में हस्तक्षेप न करने के निर्देश दिए थे।
हालांकि, 15 जून को सैयद काजिम रजा आब्दी ने बोर्ड को प्रार्थना पत्र देकर दावा किया कि तथाकथित टाण्डा ताजियेदार कमेटी का नवीनीकरण फरवरी 2024 के बाद नहीं हुआ है और उसका मामला डिप्टी रजिस्ट्रार, सोसाइटी चिट्स एवं फर्म्स, अयोध्या मंडल में विचाराधीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति द्वारा फर्जी लेटरपैड का इस्तेमाल कर शासन, प्रशासन और वक्फ बोर्ड को गुमराह किया जा रहा है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया कि वक्फनामा के अनुसार मोहर्रम की पहली से दसवीं तारीख तक के सभी धार्मिक कार्यक्रम और जुलूस परंपरागत रूप से मुतवल्ली द्वारा संचालित किए जाते रहे हैं तथा ताजियेदार कमेटी वक्फ के अधिकारों में हस्तक्षेप कर रही है।
वहीं, वक्फ रौजा अली बाग के मुतवल्ली दानिश मेहदी द्वारा की गई शिकायतों के संबंध में भी वक्फ बोर्ड ने 13 मई 2026 को जिला प्रशासन से जांच रिपोर्ट मांगी थी, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट आने और पूरे मामले की समीक्षा होने तक 12 जून 2026 को जारी पत्र संख्या-471 के प्रभाव पर रोक रहेगी।
इस आदेश के बाद मोहर्रम कार्यक्रमों और ताजिया जुलूसों के संचालन को लेकर टाण्डा में चल रहा विवाद और अधिक चर्चाओं में आ गया है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट और वक्फ बोर्ड के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है।





