अम्बेडकरनगर: जलालपुर तहसील मुख्यालय से करीब 300 मीटर, कोतवाली से लगभग 500 मीटर और नरेंद्र देव इंटर कॉलेज से महज करीब 50 मीटर की दूरी पर संचालित बताए जा रहे स्पा सेंटर पर गुरुवार को प्रशासन ने अचानक छापेमारी कर दी।
एसडीएम/उपजिला मजिस्ट्रेट मधुमिता सिंह, नायब तहसीलदार उत्कर्ष सिंह और कोतवाल अजय प्रताप यादव भारी पुलिस बल के साथ सेंटर पर पहुंचे तो अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासनिक टीम की अचानक दस्तक से सेंटर के भीतर और आसपास हड़कंप मच गया।
अचानक पहुंची टीम, शुरू हुई पूछताछ
प्रशासनिक अधिकारियों के सेंटर के अंदर पहुंचते ही वहां मौजूद स्टाफ से सेंटर के संचालन से जुड़ी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने लाइसेंस, पंजीकरण और अन्य जरूरी अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा। बताया गया कि मौके पर मौजूद स्टाफ तत्काल कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
इसके बाद अधिकारियों ने सेंटर के संचालन की वैधानिक स्थिति को लेकर पूछताछ तेज कर दी। अब प्रशासन की जांच इस बात पर केंद्रित है कि सेंटर के पास संचालन के लिए आवश्यक अनुमति और वैध दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।लाइसेंस मांगा तो सामने आया गोरखपुर कनेक्शन
पूछताछ में सेंटर के संचालक का नाम विशाल गौड़ निवासी गोरखपुर बताया गया। अधिकारियों ने जब लाइसेंस मांगा तो बताया गया कि संचालक फिलहाल गोरखपुर में है और उसके मौके पर पहुंचने पर लाइसेंस प्रस्तुत किया जाएगा। अब प्रशासनिक जांच में संचालक द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज अहम होंगे। अभिलेखों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सेंटर का संचालन नियमानुसार किया जा रहा था या नहीं।
सेंटर में मिले दो महिलाएं और एक पुरुष
छापेमारी के दौरान सेंटर के भीतर दो महिलाएं और एक पुरुष कर्मचारी मौजूद मिले। अधिकारियों ने उनसे भी सेंटर के संचालन से संबंधित जानकारी ली। जिस भवन में सेंटर संचालित बताया जा रहा है, उसके मालिक का नाम एजाज बताया गया है। भवन मालिक और सेंटर संचालक के बीच किरायेदारी से जुड़े दस्तावेज तथा अन्य कागजात भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
कॉलेज से महज 50 मीटर की दूरी ने बढ़ाई चर्चा
स्पा सेंटर की लोकेशन को लेकर भी मामला चर्चा में है। एक ओर तहसील मुख्यालय करीब 300 मीटर और कोतवाली करीब 500 मीटर की दूरी पर है, वहीं दूसरी ओर नरेंद्र देव इंटर कॉलेज महज करीब 50 मीटर दूर बताया जा रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और शिक्षण संस्थान के नजदीक सेंटर संचालित होने के बावजूद इसकी गतिविधियों की निगरानी अब तक किस स्तर पर हुई।
किराएदार और कर्मचारियों के सत्यापन पर भी सवाल
मामले में मकान मालिक द्वारा किराएदार तथा सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराया गया था या नहीं, इसको लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सत्यापन से संबंधित स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अब दस्तावेज बताएंगे सेंटर की असली तस्वीर
फिलहाल प्रशासन ने कार्रवाई को जांच के स्तर पर रखा है। छापेमारी के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि सेंटर संचालक कौन-कौन से दस्तावेज प्रस्तुत करता है और उनकी जांच में क्या स्थिति सामने आती है। यदि सेंटर के संचालन में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं वैध दस्तावेज मिलने की स्थिति में प्रशासन उसी के आधार पर आगे निर्णय लेगा।
जलालपुर एसडीएम मधुमिता सिंह ने बताया कि स्पा सेंटर संचालक से लाइसेंस और संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद उनके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।




