अम्बेडकरनगर: आगामी विधानसभा चुनाव से पहले टांडा की राजनीति में समाजवादी पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा दांव खेला है। हाफिज बदरुद्दोजा अंसारी को समाजवादी अल्पसंख्यक सभा का जिलाध्यक्ष बनाए जाने को राजनीतिक गलियारों में टांडा विधायक राममूर्ति वर्म की रणनीतिक कूटनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टांडा विधानसभा में सामाजिक और अल्पसंख्यक समीकरण हमेशा से चुनाव का अहम फैक्टर रहे हैं। ऐसे में सपा नेतृत्व द्वारा संगठन में नए चेहरों को आगे लाना केवल सामान्य नियुक्ति नहीं, बल्कि बूथ स्तर तक पकड़ मजबूत करने की तैयारी मानी जा रही है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादवोंकी अनुमति से प्रदेश अध्यक्ष शकील नदवी द्वारा जारी इस मनोनयन पत्र ने जिले की राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो विधायक राममूर्ति वर्मा लंबे समय से संगठन और सामाजिक संतुलन के फार्मूले पर काम कर रहे हैं, ताकि 2027 के चुनाव में टांडा सीट पर सपा की पकड़ और मजबूत बनी रहे।
चर्चा यह भी है कि सपा अब केवल पारंपरिक राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि युवाओं, अल्पसंख्यकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं को साथ लेकर नई टीम तैयार करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष हाफिज बदरुद्दोजा अंसारी को 15 दिनों के भीतर जिला कमेटी गठित करने का निर्देश दिया गया है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी चुनावी मोड में आ चुकी है और संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय करने की तैयारी तेज हो गई है।




