अम्बेडकरनगर: मालीपुर थाना एक बार फिर रिश्वतखोरी के आरोपों से सुर्खियों में है। न्याय दिलाने की जिम्मेदारी निभाने वाली पुलिस पर अब “न्याय के बदले नकद” मांगने का आरोप लगा है। पीड़ित ने क्षेत्राधिकारी को शिकायती पत्र देकर पुलिस के दो कर्मियों पर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और पैसा न देने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
मालीपुर थाना क्षेत्र के अवधना इस्माइलपुर निवासी जमालुद्दीन ने सीओ जलालपुर को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि गांव की घूर-गड्ढे की भूमि पर कब्जे के विवाद की शिकायत करने के बाद जांच के लिए पहुंचे उपनिरीक्षक शत्रुघ्न सिंह और सिपाही राजकुमार यादव ने मामले को “सेटल” कराने के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग कर डाली। आरोप है कि रकम देने से इनकार करने पर उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की चेतावनी भी दी गई।
शिकायतों के बावजूद नहीं थम रहे आरोप
हैरानी की बात यह है कि मालीपुर पुलिस पर यह पहला आरोप नहीं है। इससे पहले भी एक बुजुर्ग महिला से कथित रूप से 5 हजार रुपये वसूलने का मामला चर्चा में आया था। लेकिन शिकायतों के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर भ्रष्टाचार के आरोपों पर पर्दा कौन डाल रहा है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती तो भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के हौसले और बुलंद हो जाते हैं। यही वजह है कि थाना क्षेत्र में अवैध वसूली और घूसखोरी की चर्चाएं लगातार आम होती जा रही हैं।
“शिकायत मिलेगी तो जांच होगी”
मामले पर क्षेत्राधिकारी जलालपुर अनूप कुमार सिंह का कहना है कि अभी उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। शिकायत प्राप्त होने पर निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।




