अम्बेडकरनगर: जैतपुर थाना क्षेत्र के उस्मापुर जोलहापुर गांव में 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामला उस समय और गंभीर हो गया जब अंतिम संस्कार के दौरान डायल-112 की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लगभग 60 प्रतिशत जल चुके शव को चिता से हटवाकर कब्जे में लिया। घटना के बाद गांव में ऑनर किलिंग, कथित गर्भावस्था और मौत के कारणों को छिपाने जैसी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी अजय चौहान की 19 वर्षीय पुत्री रीमा की मौत के बाद परिजन जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार करने नदी घाट पहुंच गए थे। इसी बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने डायल-112 पर सूचना देकर मौत को संदिग्ध बताया। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और जलती चिता को रुकवाकर जांच शुरू कर दी।
ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि युवती कथित रूप से गर्भवती थी, जिसको लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। गांव में यह भी कहा जा रहा है कि इसी विवाद के दौरान मारपीट हुई और उसी के बाद युवती की मौत हो गई। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह शव का अंतिम संस्कार जल्दबाजी में किया जा रहा था, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस को सूचना न मिलती तो शव पूरी तरह जल चुका होता और मौत के वास्तविक कारणों तक पहुंचना लगभग असंभव हो जाता। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को सामान्य मौत बताकर दबाने की कोशिश की जा रही है।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटना के संबंध में थाना अध्यक्ष प्रेमचंद से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका सीयूजी और निजी मोबाइल दोनों बंद मिले, जिससे लोगों की शंकाएं और गहरा गईं। वहीं क्षेत्राधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवती सिलाई सीखने गई थी, जहां अचानक उसकी तबीयत खराब हुई और उसकी मृत्यु हो गई।
फिलहाल पूरे गांव में एक ही सवाल गूंज रहा है—क्या यह सामान्य मौत थी या फिर किसी राज को दफनाने की कोशिश!! 60 प्रतिशत जल चुके शव, ऑनर किलिंग की चर्चाएं, कथित गर्भावस्था और अंतिम संस्कार की जल्दबाजी ने इस मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है।




