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अग्निकांड पीड़ितों को सहारा देने पहुंचे ओपी राजभर, लेकिन बयानबाजी से मचा सियासी धमाका; अखिलेश से लेकर AIMIM तक पर बरसे, गाज़ी बाबा पर भी अभद्र टिप्पणी

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अम्बेडकरनगर जनपद में अग्निकांड पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने पहुंचे प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश राजभर का दौरा मानवीय संवेदना से शुरू हुआ, लेकिन खत्म होते-होते यह प्रदेश की राजनीति में बड़ा सियासी विस्फोट बन गया। एक तरफ उन्होंने आग से तबाह परिवारों को आर्थिक सहायता देकर पुनर्वास का भरोसा दिया, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी, अखिलेश यादव, शौकत अली और गाजी बाबा को लेकर ऐसे तीखे बयान दिए, जिनकी चर्चा पूरे प्रदेश में तेज हो गई है।

टांडा तहसील के ग्राम लंगड़ी पृथ्वीपुरवा (मईपुर) में हुए अग्निकांड के बाद ओपी राजभर प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे। उन्होंने पांचों परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की और अधिकारियों को दो पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ने तथा शौचालयों की मरम्मत तत्काल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता पर दिया जाएगा। लेकिन राहत कार्यक्रम के बाद मीडिया के सामने आते ही राजभर का राजनीतिक तेवर पूरी तरह बदल गया।

उन्होंने दावा किया कि “भाजपा सरकार में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है, जबकि सपा सरकार में नौकरी के लिए दलालों और ठेकेदारों का नेटवर्क चलता था।” राजभर ने आरोप लगाया कि “5-8 लाख रुपये लेकर नौकरी दिलाने की बातें होती थीं और नियुक्तियों की सूची सत्ता के शीर्ष नेताओं की मंजूरी से जारी होती थी।” यहीं नहीं, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “मुजफ्फरनगर में दंगे हो रहे थे और अखिलेश यादव सैफई में नाच देखने में व्यस्त थे।” उन्होंने दावा किया कि सपा शासनकाल में प्रदेश में हजारों दंगे हुए, जबकि योगी सरकार में कानून का राज कायम हुआ है।

राजभर का सबसे विवादित बयान बहराइच के गाजी बाबा को लेकर सामने आया। उन्होंने कहा कि “गाजी कोई संत या महापुरुष नहीं था, बल्कि लुटेरा था। अब वहां गाजी नहीं, राजा सुहेलदेव की विरासत का सम्मान होगा और सुहेलदेव का मेला लगेगा।”
AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली द्वारा राजा सुहेलदेव के अस्तित्व पर सवाल उठाने के मामले में भी राजभर ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने शौकत अली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें इतिहास की जानकारी नहीं है और उनके बयान समाज को गुमराह करने वाले हैं। उन्होंने जहां करोड़ों लोगों की आस्था पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि गाज़ी बड़ा पाज़ी था वहीं Aimim प्रदेश अध्यक्ष को अनपढ़, जाहिल, गावर व बकचोद तक कह डाला।

कुल मिलाकर, अग्निकांड पीड़ितों को राहत देने पहुंचे प्रभारी मंत्री ओपी राजभर ने ऐसा राजनीतिक हमला बोला कि मानवीय सहायता का कार्यक्रम पीछे छूट गया और उनके बयान सुर्खियों के केंद्र में आ गए। विपक्ष पर लगाए गए गंभीर आरोप और धार्मिक-ऐतिहासिक मुद्दों पर की गई तीखी टिप्पणियों ने प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
एक तरफ पीड़ित परिवारों के हाथ में सहायता राशि थी, दूसरी तरफ मंच से सपा, AIMIM और विपक्ष पर सियासी प्रहार और आस्था के केंद्र बनें बहराइच स्थित गाज़ी बाबा पर अभद्र टिपण्णी किया—अम्बेडकरनगर में ओपी राजभर का दौरा राहत से ज्यादा राजनीतिक संदेश देकर गया, जिसकी खूब चर्चाएं हो रही है।

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