जलालपुर व टांडा में अवैध मिट्टी खनन बेलगाम, नींद हराम—तेज़ रफ्तार ट्रैक्टरों से दहशत का माहौल
अम्बेडकरनगर: जलालपुर व टांडा क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन अब खुलेआम ‘रात का खेल’ बन चुका है। टाण्डा स्थित पैकोलिया मंदिर के आसपास से लेकर नगर क्षेत्र तक रात्रि भर जेसीबी की गरज और ट्रैक्टर-ट्रालियों की फर्राटेदार आवाज़ें लोगों की नींद और चैन छीन रही हैं। हालात इतने खराब हैं कि रात होते ही इलाके में खनन माफियाओं का राज शुरू हो जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी रात जेसीबी मशीनें मिट्टी की खुदाई में लगी रहती हैं और दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रालियां तेज रफ्तार से सड़कों पर दौड़ती हैं। इन वाहनों की आवाज़ से जहां लोगों का सोना मुश्किल हो गया है, वहीं तेज रफ्तार के कारण किसी बड़े हादसे का डर भी बना रहता है। खासकर संकरी गलियों और आबादी वाले इलाकों में यह खतरा और बढ़ जाता है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे खेल पर खनन विभाग की कोई प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधि बिना प्रशासन की जानकारी के कैसे चल रही है या फिर सब कुछ जानते हुए भी अनदेखा किया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि जल्द ही इस अवैध खनन पर रोक नहीं लगी, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। फिलहाल, जलालपुर व टांडा की रातें सन्नाटे की नहीं, बल्कि मशीनों और ट्रैक्टरों की गूंज से भरी हुई हैं—और जिम्मेदार विभाग अब भी खामोश है।




