नगर पालिका वसूल रही शुल्क, लेकिन पानी की एक बूंद और छांव का इंतजाम नहीं; भीषण गर्मी में यात्री बेहाल
अम्बेडकरनगर: नगर पालिका परिषद जलालपुर की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर के टैक्सी और साइकिल स्टैंडों से नियमित रूप से शुल्क और टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन यात्रियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं आज भी कागजों तक सिमटी नजर आ रही हैं। भीषण गर्मी के बीच पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और छायादार प्रतीक्षालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने यात्रियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।
सबसे चौंकाने वाली तस्वीर मालीपुर रोड टैक्सी स्टैंड की है, जहां महीनों पहले वाटर कूलर लगाने के लिए बाकायदा चबूतरा तैयार कर दिया गया, लेकिन आज तक वहां वाटर कूलर नहीं पहुंचा। नतीजा यह है कि तपती धूप में सफर करने वाले लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर चबूतरा बनाकर जिम्मेदारों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली है क्या!
वहीं जमालपुर चौराहा-बसखारी रोड स्थित टैक्सी एवं साइकिल स्टैंड पर लगा वाटर कूलर अक्सर खराब पड़ा रहता है। यात्रियों को स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं हो रहा है। बैठने और शौचालय की समुचित व्यवस्था भी नदारद है।हाथी मंदिर के पास बने टैक्सी स्टैंड की हालत भी कम चिंताजनक नहीं है। यहां भी पेयजल और प्रसाधन जैसी आवश्यक सुविधाएं नहीं हैं। दूसरी ओर यादव चौराहा-मित्तूपुर रोड स्थित एसबीआई के पास बने मूत्रालय में गंदगी का अंबार लगा है और शौचालय की व्यवस्था तक नहीं है। सेंट्रल बैंक के पास स्थित टैक्सी स्टैंड पर भी यात्रियों के लिए न पानी, न शेड और न ही बैठने का इंतजाम है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका राजस्व वसूली में तो पूरी तरह सक्रिय है, लेकिन जब जनता को सुविधाएं देने की बात आती है तो जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंद लेते हैं। प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले इन स्टैंडों पर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक परेशान हो रहे हैं।
जब नगर पालिका हर महीने टैक्सी और साइकिल स्टैंडों से शुल्क वसूल रही है, तो आखिर यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं देने में इतनी लापरवाही क्यों? क्या वसूला गया पैसा सिर्फ कागजी व्यवस्थाओं में खर्च हो रहा है?
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी भरे अंदाज में मांग की है कि यदि जल्द ही पेयजल, शौचालय, छायादार प्रतीक्षालय, बैठने की व्यवस्था, नियमित सफाई और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो जनआंदोलन की स्थिति पैदा हो सकती है। अब देखना यह है कि पालिका प्रशासन यात्रियों की पीड़ा सुनता है या फिर टैक्स वसूली का सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।




