अम्बेडकरनगर: नगर पालिका परिषद जलालपुर के विस्तारित क्षेत्र में विकास के दावों की हकीकत बरसात शुरू होते ही सामने आने लगी है। तीन वर्ष पहले नगर पालिका सीमा में शामिल किए गए नहविया मोहल्ले के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। सड़क और नाली के अभाव में हल्की बारिश भी स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत बन जाती है।
नहविया मोहल्ले में प्रमोद यादव के घर से सनोज चौहान के घर तक न तो इंटरलॉकिंग सड़क बनी है और न ही नाली का निर्माण कराया गया है। बारिश होते ही पूरा रास्ता कीचड़ और जलभराव से भर जाता है। हालात ऐसे हैं कि लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। घरों का गंदा पानी भी निकासी व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर ही जमा रहता है, जिससे क्षेत्र में गंदगी और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय निवासी प्रमोद यादव समेत अन्य लोगों का आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका प्रशासन को कई बार ऑनलाइन और ऑफलाइन शिकायतें दी गईं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिए, जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि विस्तारित क्षेत्र को नगर पालिका में शामिल तो कर लिया गया, लेकिन सुविधाएं देने के नाम पर प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाली और सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं कराया गया तो वे जनआंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
वहीं, नगर पालिका परिषद जलालपुर के वरिष्ठ लिपिक राम प्रकाश पांडे ने बताया कि संबंधित प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में शामिल कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी तथा निविदा जारी कर निर्माण कार्य कराया जाएगा। हालांकि सवाल यह है कि आखिर तीन साल बाद भी यह प्रस्ताव फाइलों से बाहर क्यों नहीं निकल सका।




