अम्बेडकरनगर: जिला जेल के बन्दियों को विधिक सहायता एवं अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया तथा अपर जिला जज / सचिव द्वारा कारागार निरीक्षण एवं जेलर को जरूरी निर्देश भी दिया गया।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लान ऑफ एक्शन 2025-26 के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चन्द्रोदय कुमार के निर्देशानुसार बुधवार को जिला कारागार में बन्दियों के मानवाधिकार, बन्दियों को दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहयता एवं बन्दियों के हितार्थ उपयोगी कानूनों के सम्बन्ध में अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता द्वारा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन एवं जिला कारागार का निरीक्षण किया गया।
शिविर को सम्बोधित करते हुये अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता द्वारा बन्दियों को उनके मानवाधिकारों बन्दियों के हितार्थ उपयोगी कानूनों के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की गई तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार बन्दियों हेतु संचालित निःशुल्क विधिक सेवाओं के विषय में बताया गया एवं जेलर जिला कारागार को निर्देशित किया गया कि यदि बीएनएसएस 479 से सम्बन्धित कोई भी विचाराधीन बन्दी जिला कारागार में बन्द है तो उनकी सूचना एवं ऐसे बन्दी जिनकी जमानत न्यायालय से हो चुकी है परन्तु वह जमानतदार के अभाव में कारागार से रिहा नहीं हो पा रहा है तो उसकी सूचना से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को ससमय अवगत करायें जिससे आवश्यक कार्यवाही करते हुये सम्बन्धित बन्दी को रिहाई का प्रयास किया जा सके।
कारागार निरीक्षण के दौरान अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बन्दियों से वार्ता करते हुये भोजन व स्वास्थय के सम्बन्ध में पूछा गया तथा उनके मुकदमे की स्थिति निःशुल्क अधिवक्ताओं द्वारा की जा रही पैरवी के सम्बन्ध में जानकारी ली गई एवं बन्दियों से पूछा गया कि क्या उनकी बात टेलीफोन के माध्यम से घर करवाई जाती है तो कई बन्दियों द्वारा बताया गया कि उनकी बात काफी समय से घरवालों से नहीं हो पा रही है। अपर जिला जज सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जेलर को निर्देशित किया गया कि बन्दियों को समय-समय पर घरवालों से बात करवाने हेतु उचित व्यवस्था करवाना सुनिश्चित करें तथा जेलर को परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिये जाने हेतु निर्देशित किया गया एवं बन्दियों की अस्वस्थता की अवस्था में अविलम्ब चिकित्सा सुविधा दिलवाये जाने हेतु निर्देशित किया गया एवं कहा गया कि यदि किसी भी बन्दी को निःशुल्क विधिक सहायता अथवा निःशुल्क अधिवक्ता की आवश्यकता है तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र प्रेषित कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।





