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सड़क किनारे तड़पता रहा युवक, मदद पहुंची तो जा चुकी थी जान

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अम्बेडकरनगर में लावारिस समझकर घंटों पड़ा रहा रंगकेश, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित, सबसे पहले मदद को पहुंचे बरकत अली

अम्बेडकरनगर: जिला मुख्यालय अकबरपुर की पुरानी तहसील के निकट गुरुवार को इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। एक युवक घंटों तक अचेत अवस्था में सड़क किनारे पड़ा रहा, लेकिन समय रहते उसे चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। जब समाजसेवियों और पुलिस की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश हुई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

जानकारी के अनुसार, दोपहर से एक व्यक्ति पुरानी तहसील के पास बेसुध हालत में पड़ा हुआ था। राहगीरों की नजर उस पर पड़ी, लेकिन किसी ने उसकी पहचान या हालत जानने की गंभीर कोशिश नहीं की। बाद में नूर आलम ने समाजसेवी बरकत अली को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही बरकत अली मौके पर पहुंचे और तत्काल 108 एंबुलेंस को बुलाया। मौके पर उप निरीक्षक शैलेन्द्र चौधरी, कांस्टेबल कुणाल यादव, राहुल मधेशिया और धनंजय यादव भी पहुंच गए और युवक को अस्पताल भेजने की तैयारी शुरू हुई। इसी दौरान एक युवक मौके पर पहुंचा और अचेत पड़े व्यक्ति को अपना भाई बताते हुए उसकी पहचान रंगकेश निवासी संजलपुर सिकंदरपुर के रूप में की।

लावारिश पड़े रंगकेश के भाई हरिकेश ने समाजसेवियों की मदद से एंबुलेंस के सहारे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर दोपहर से सड़क किनारे पड़े युवक को समय रहते इलाज क्यों नहीं मिल सका? क्या राहगीरों की संवेदनहीनता और सूचना तंत्र की सुस्ती ने एक जिंदगी छीन ली? यदि शुरुआती घंटों में ही उसे अस्पताल पहुंचा दिया जाता, तो शायद नतीजा कुछ और होता।

फिलहाल युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे इलाके में घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।

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