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पिता की पुण्य स्मृति में करुणा का दीप, सेवा बन गई सच्ची श्रद्धांजलि

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अम्बेडकरनगर: कहते हैं कि माता-पिता का साया भले ही सिर से उठ जाए, लेकिन उनकी सीख और संस्कार जीवन भर राह दिखाते रहते हैं। इसी भाव को चरितार्थ कर रहे हैं क्षेत्र के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विजय यादव, जो अपने पिता स्वर्गीय जयराम यादव की पुण्य स्मृति में लगातार जरूरतमंदों की सेवा में जुटे हुए हैं। ठंड से ठिठुरते गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से वे निरंतर कंबल वितरण कर मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।


गौरतलब है कि स्व. जयराम यादव का 24 नवम्बर 2025 को स्वर्गवास हो गया था। परिवारजनों द्वारा उनकी आत्मा की शांति के लिए 07 दिसंबर 2025 को श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। उसी अवसर से सेवा का यह सिलसिला प्रारंभ हुआ, जो आज तक पूरी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ जारी है। प्रोफेसर पीडियाट्रिक्स डॉ. विजय यादव ने अपने पिता की स्मृति को केवल शोक तक सीमित न रखते हुए उसे समाज सेवा में परिवर्तित कर दिया।
गत दिनों पैतृक आवास पकड़ी भोजपुर में आयोजित सामूहिक कंबल वितरण कार्यक्रम में सैकड़ों जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए गए। कड़ाके की ठंड में जब गरीबों के पास ठंड से बचने के सीमित साधन होते हैं, ऐसे में यह पहल उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं रही। कंबल पाकर लोगों के चेहरों पर आई मुस्कान ने इस सेवा कार्य की सार्थकता को और भी उजागर कर दिया।
डॉ. विजय यादव ने बताया कि यह अभियान एक संकल्प के रूप में लिया गया है और 500 कंबलों के लक्ष्य की पूर्ति तक कंबल वितरण का यह कार्य लगातार जारी रहेगा। उनका कहना है कि “जरूरतमंदों की सेवा ही मेरे पिता के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। यदि किसी बेसहारे को ठंड से राहत मिलती है, तो मुझे लगता है कि पिता की आत्मा को भी शांति मिलेगी।”
क्षेत्रवासियों और समाज के प्रबुद्धजनों ने इस भावनात्मक और मानवीय पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि आज के समय में जब संवेदनाएं कम होती जा रही हैं, तब इस तरह के सेवा कार्य समाज को नई दिशा और प्रेरणा देते हैं। स्व. जयराम यादव की स्मृति में किया जा रहा यह कंबल वितरण न केवल एक बेटे की श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी का भी सशक्त संदेश देता है।
उक्त पुण्य कार्य में डॉक्टर विजय यादव के दादा राम जतन यादव सहित डॉ अमृता यादव, सहायक शिक्षक अजय यादव, रीमा यादव भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ देते नज़र आ रहे हैं।

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