नालों पर अतिक्रमण और जलनिकासी ठप होने से मुख्य चौक बना जलाशय, समाधान दिवस में एसडीएम को सौंपा ज्ञापन; जल्द कार्रवाई का मिला आश्वासन
अम्बेडकरनगर। आलापुर तहसील क्षेत्र का प्रमुख न्यौरी (नेवरी) चौक इन दिनों जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। मुख्य चौक स्थित अंडरपास समेत जलालपुर और रामनगर मार्ग पर पानी भर जाने से राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शिक्षक दिवस के मौके पर स्कूल जाने निकले नन्हे-मुन्ने बच्चों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। कई बच्चों की ड्रेस, जूते और स्कूल बैग तक पानी में भीग गए।
हालात ऐसे रहे कि कई अभिभावकों को अपने बच्चों को कंधे पर उठाकर, मोटरसाइकिल और टेंपो के सहारे जलभराव वाले रास्ते को पार कराना पड़ा। छोटे बच्चों को पानी में उतरकर स्कूल जाते देख स्थानीय लोगों में भी नाराजगी दिखाई दी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलालपुर मुख्य मार्ग और रामनगर मुख्य मार्ग के दोनों ओर बने नालों पर अतिक्रमण तथा नालों के जाम होने के कारण बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। पानी सड़कों पर जमा होकर आवागमन में बाधा बन रहा है। अंडरपास की स्थिति भी बेहद खराब होने से राहगीरों के लिए इसे पार करना किसी चुनौती से कम नहीं है।
जलभराव से हादसे और बीमारी का खतरा
लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह पानी जमा रहा तो छोटे बच्चों और राहगीरों के साथ दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी। लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। विशेष रूप से विद्यालय जाने वाले बच्चों को लेकर अभिभावक चिंतित हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं है। इससे पहले भी जलभराव और जलनिकासी की समस्या को लेकर उप जिलाधिकारी आलापुर को ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।
समाधान दिवस में फिर उठी आवाज
शनिवार को समाधान दिवस के अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. तेज बहादुर सिंह, राकेश सिंह, सफ्फू सिंह समेत स्थानीय नागरिकों ने तहसील पहुंचकर उप जिलाधिकारी आलापुर धर्मेंद्र कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा और जलनिकासी की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की।
ज्ञापन में नालों से अतिक्रमण हटाने, जाम नालों की सफाई कराने तथा मुख्य चौक और प्रमुख मार्गों पर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने लोगों को आश्वासन दिया कि जलनिकासी की समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधीनस्थ कर्मचारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
अब देखना यह है कि प्रशासन का यह आश्वासन कागजों तक सीमित रहता है या नेवरी चौक के जलभराव से वास्तव में लोगों को निजात मिलती है।





