अम्बेडकरनगर: टाण्डा तहसील में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जहां एक ओर नगर क्षेत्र की अवस्थाओं पर जनता का गुस्सा फूटा, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने योजनाओं के जरिए राहत देने की कोशिश भी दिखाई।

नवागत डीएम ईशा प्रिया और नवगतन एसपी प्राची सिंह ने पहली बार टाण्डा में खुद मोर्चा संभालते हुए फरियाद सुनीं, लेकिन सबसे बड़ा मुद्दा नगर की बदहाल सड़कों का बन रहा।
नामित सभासद मनप्रीत सिंह उर्फ अंशु बग्गा ने लिखित शिकायत देकर अमृत 2 जल योजना पर सवाल खड़े किए। आरोप लगाया कि नई पाइपलाइन बिछाने के नाम पर टाण्डा नगर की सड़कों को गड्ढों में तब्दील कर दिया गया है।

खुदाई के बाद मरम्मत अधूरी छोड़ दी गई, जिससे आम जनता रोज हादसों के खतरे से जूझ रही है। उक्त शिकायत पर जिलाधिकारी का तेवर सख्त हो गया। मौके पर ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सड़क दुरुस्ती के निर्देश दिए गए। इस सख्ती से विभागों में हड़कंप मच गया और लापरवाही उजागर हो गई।
हालांकि, समाधान दिवस सिर्फ शिकायतों तक सीमित नहीं रहा। प्रशासन ने मौके पर ही आमजन को सीधा लाभ देने के लिए कई महत्वपूर्ण कैंप भी लगाए। तहसील परिसर में आधार नामांकन और आधार अद्यतन कैंप में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अपनी समस्याओं का समाधान कराया। इसके साथ ही श्रम विभाग द्वारा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकरण कैंप आयोजित किया गया, जहां मजदूरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया तेज की गई। सबसे अहम पहल के रूप में फार्मर रजिस्ट्री कैंप भी लगाया गया, जिसमें किसानों का पंजीकरण कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई। ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों ने इसमें सक्रिय भागीदारी की।
समाधान दिवस में सीएमओ, सीडीओ, एसडीएम टाण्डा, तहसीलदार टाण्डा समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन कार्यक्रम ने एक साथ दो तस्वीरें साफ कर दीं—एक तरफ सड़कों और योजनाओं की लापरवाही से जूझती जनता, और दूसरी तरफ कैंपों के जरिए राहत पहुंचाने की प्रशासनिक कोशिश।
टाण्डा में यह आयोजन महज औपचारिकता नहीं, बल्कि सिस्टम की खामियों को उजागर करने और मौके पर ही राहत देने की कार्रवाई के रूप में सामने आया, जहां सख्त तेवर और जनसेवा दोनों एक साथ नजर आए।




