प्रेम विवाह के सात साल बाद फांसी से लटकता मिला था चंदा का शव, पुलिस ने पति के खिलाफ दर्ज किया था मुकदमा
अम्बेडकरनगर: सात साल पहले परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह करने वाली चंदा की जिंदगी का अंत बेहद दर्दनाक तरीके से हुआ। जिस युवक के साथ उसने घर छोड़कर नई दुनिया बसाई थी, उसी पर प्रताड़ना का आरोप लगा और अब वही सलाखों के पीछे पहुंच गया। टाण्डा कोतवाली के एसएसआई शिव बख्स सिंह ने चंदा को प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पति सोनू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि चंदा को करीब सात वर्ष पहले सोनू पुत्र रामजग निवासी तेन्दुआ खास बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। दोनों ने लखनऊ आर्य समाज मंदिर में शादी करने के बाद कोर्ट मैरिज भी कर ली थी। शादी के बाद दोनों का एक बेटा भी हुआ, लेकिन वक्त गुजरने के साथ रिश्तों में दरार बढ़ती चली गई।
मृतका के पिता राजेश ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि सोनू उनकी बेटी को मायके आने-जाने से रोकता था, फोन पर बात करने तक की पाबंदी लगाता था और आए दिन मारपीट व मानसिक प्रताड़ना करता था। चंदा चोरी-छिपे फोन कर अपने दर्द की दास्तान मायके वालों को सुनाती थी।
बताया गया कि गत 01 मई को तबीयत खराब होने पर चंदा मायके आई थी, लेकिन 06 मई को देवर उसे दोबारा ससुराल ले गया। अगले ही दिन 07 मई को सूचना मिली कि चंदा का शव फांसी के फंदे से लटकता मिला है। इस खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि 07 मई की सुबह मृतिका ने अपने पुत्र को प्रतिदिन की तरह तैयार कर स्कूल भेजा था और उसके बाद ऊपरी मंजिल पर ज़हव लटका हुआ मिला था। पोस्टमार्टम के बाद ज़हव के अंतिम संस्कार के लिए दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी भी हुई थी जिसकी क्षेत्र में खूब चर्चायेन भी हो रही थी।
मामले में टाण्डा कोतवाली में मुकदमा संख्या 115/26 धारा 108 बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए टाण्डा कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक शिव बख्स सिंह ने कांस्टेबल भूपेंद्र यादव व मोहित कुमार के सहयोग से आरोपी पति सोनू को धर्मनगर ओवरफ्लाई के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय भेज दिया गया।




