“जमीन नहीं बिकने दूंगी”— यही बात बन गई मौत की वजह, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया
अम्बेडकरनगर: इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के गौहनिया रसूलपुर गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। पुश्तैनी जमीन बेचने का विरोध कर रही 26 वर्षीय विवाहिता निशा वर्मा को उसके ही ससुर ने कथित रूप से बांस के डंडे से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। जमीन के लालच में बहू की हत्या की इस सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
परिजनों के अनुसार, आरोपी श्रीपति वर्मा लगातार पुश्तैनी जमीन बेच रहा था। बहू निशा इसका विरोध कर रही थी और परिवार की विरासत बचाने की बात कह रही थी। बुधवार दोपहर इसी मुद्दे पर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। आरोप है कि गुस्से से तिलमिलाए ससुर ने बांस का डंडा उठाया और निशा पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए।
पहले ही वार में निशा जमीन पर गिर पड़ी, लेकिन आरोपी का गुस्सा नहीं थमा। सिर पर लगातार कई प्रहार किए गए, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। खून से लथपथ बहू को देखकर गांव में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि निशा अपने पीछे सात साल और चार साल उम्र के दो मासूम बच्चों को छोड़ गई है। जिन बच्चों को मां की गोद चाहिए थी, उन्हें अब जिंदगी भर उसकी यादों के सहारे जीना होगा।
मृतका के पिता राजमणि वर्मा ने आरोप लगाया कि श्रीपति वर्मा जमीन बेचकर शराब पीने का आदी था और इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था। उनकी बेटी लगातार जमीन बचाने की बात करती थी, जो आखिरकार उसकी जान पर बन आई।
घटना की सूचना मिलते ही इब्राहिमपुर पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के निर्देश पर दर्ज मुकदमा संख्या 117/26 में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी श्रीपति वर्मा (55 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में इस्तेमाल बांस का डंडा भी बरामद कर लिया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
जिस बहू ने परिवार की पुश्तैनी जमीन बचाने की कोशिश की, उसी को मौत के घाट उतार दिया गया। सवाल यह है कि आखिर जमीन की कीमत क्या एक इंसान की जान से भी ज्यादा हो गई? दो मासूम बच्चों को अनाथ जैसी जिंदगी देने वाला यह हत्याकांड केवल एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों, संवेदनाओं और पारिवारिक मूल्यों की भी निर्मम हत्या है।




