चीखता रहा चाक आलोक… लोग बनाते रहे VIDEO
अम्बेडकरनगर: सिस्टम की लापरवाही और इंसानियत की मौत का खौफनाक मंजर सोमवार की सुबह अकबरपुर कोतवाली में शहजादपुर कस्बे के अमरौला वार्ड में संचालित आरएलबी भट्ठे पर देखने को मिला, जहां 28 वर्षीय आलोक वर्मा जिंदा जल गया। हाईटेंशन लाइन से टकराते ही डंपर आग का गोला बन गया और कुछ ही मिनटों में युवक की जिंदगी राख हो गई। दर्दनाक बात यह रही कि आलोक मदद के लिए चीखता रहा, लेकिन मौके पर मौजूद कई लोग मोबाइल निकालकर वीडियो बनाते रहे।
चिचुटीपारा निवासी आलोक वर्मा रोज की तरह सुबह करीब 4 बजे मिट्टी डालने भट्ठे पर पहुंचा था। डंपर से मिट्टी गिराने के दौरान वाहन का हाइड्रोलिक हिस्सा ऊपर उठा और सीधे हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। टक्कर इतनी भयानक थी कि तेज धमाके के साथ स्पार्किंग हुई और पूरा डंपर आग की लपटों में समा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आलोक डंपर के अंदर फंस गया था। वह जान बचाने के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि कोई उसे निकाल नहीं सका। इंसानियत उस वक्त शर्मसार हो गई जब कुछ लोग मदद करने के बजाय मौत का तमाशा मोबाइल कैमरे में कैद करते रहे हालांकि तत्काल मदद का कोई रास्ता भी नज़र नहीं आ रहा था।
सबसे बड़ा सवाल बिजली विभाग और भट्ठा संचालकों पर खड़ा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे से एक दिन पहले भी उसी जगह बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी और इसकी सूचना विभाग व भट्ठा मालिक को दी गई थी, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। नतीजा—एक गरीब मजदूर जिंदा जल गया।
हैरानी की बात यह भी है कि दमकल विभाग करीब 45 मिनट बाद मौके पर पहुंचा। तब तक आलोक की सांसें थम चुकी थीं और डंपर उसकी चिता बन चुका था।
आलोक अपने परिवार का बड़ा बेटा था। पिता कैटरिंग का काम करते हैं। बेटे की मौत के बाद घर में मातम पसरा है। इलाके में लोग इस घटना को “लापरवाही से हुई हत्या” बता रहे हैं।




