अम्बेडकरनगर: उत्तर प्रदेश बुनकर सभा के आह्वान पर 01 सितंबर से पूरे प्रदेश के पॉवर लूमों के चक्कों को अनिश्चित कालीन के लिए जाम करने का ऐलान कर दिया गया है हालांकि बुनकरों से जुटी कई संस्थाओं ने हड़ताल की रूपरेखा पर बड़ा सवाल उठाया है जबकि तानाबाना फाउंडेशन ने हड़ताल के दौरान बुनकर मज़दूरों को राशन, दवा आदि की मदद करने का आश्वासन दिया है।
उत्तर प्रदेश बुनकर सभा के अध्यक्ष व कपड़ा व्यवसायी हाजी इफ्तेखार अहमद अंसारी ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा फ्लैट रेट बिजली व्यवस्था समाप्त करने के खिलाफ 01 सितंबर से अनिश्चित कालीन पॉवर लूमों की हड़ताल की गई है और 15 सितंबर तक अगर सरकार बुनकरों को राहत महीन देती है तो बुनकर समाज बिजली कनेक्शन की सामूहिक पी.डी भी कराए गए। उन्होंने बताया कि हड़ताल के दौरान पॉवर लूम, नरी मशीन, वारपीन, कलेंडर आदि सभी तरह की मशीनें पूर्णतः बन्द रहेगी जबकि कपड़ों की बिक्री पर कोई रोक नहीं लगाई गई है लेकिन अगले चरण में तैयार कपड़ों की बिक्री व धागों की खरीदारी पर पूरी तरह पाबन्दी लगाई जाएगी।
उक्त हड़ताल के दौरान औद्योगिक बुनकर नगरी टाण्डा में सक्रिय तानाबाना फाउंडेशन ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि पॉवर लूम कारीगरों व मज़दूरों को हड़ताल के दौरान निःशुल्क रसद व दवाएं उपलब्ध कराई जाएगी। फाउंडेशन के को-फाउंडर अमजद शकील ने बताया कि 8933889141 पर सूचना मिलने पर गोपनीय सहयोग किया जाएगा।
01 सितंबर से शुरू होने वाली पॉवर लूम बुनकारों की हड़ताल पर बुनकरों के उत्थान मसे जुड़ी कई संस्थाओं ने बड़ा सवाल भी उठाया है। बुनकर एकता समिति के अध्यक्ष व कपड़ा उद्योग व्यवसायी हाजी कासिम अंसारी ने कहा कि हड़ताल की रूपरेखा सही नहीं बनाई गई है क्योंकि इस हड़ताल से सिर्फ बड़े व्यवसाइयों को मुनाफा होगा जबकि चजोते व मध्य वर्गीय बुनकरों के सामने आर्थिक मुश्किलें पैदा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए जरूरी है कि बुनाई पेशा से जुड़े सभी कार्य बंद हों अन्यथा उनकी तरफ से हड़ताल का विरोध किया जाएगा। समय समय पर बुनकरों के मुद्दों को उठाने वाली प्रमुख संस्था उत्तर प्रदेश बुनकर संघर्ष समिति के संयोजक सगीर बज्मी व अध्यक्ष सिकंदर इकबाल ने संयुक्त रूप से कहा कि बुनकरों से जुड़ी संस्थाओं को बिना भरोसे में लिए ही हड़ताल का एलान कर दिया है तथा मात्र मशीनों की ही हड़ताल की गई है जबकि बुनाई पेशा से जुड़े धागा व कपड़ा बिक्री आदि को बंद नहीं किया गया है। बुनकर संघर्स समिति ने कहा कि प्रदेश सरकार की नई बिजली नीति के दौरान पॉवर लूम चलना संभव भी नहीं है इसलिए हड़ताल भी जरूरी है लेकिन पॉवर लूमों के साथ बुनकरों से सम्बन्धित सभी कारोबार बंद होना चाहिए।
बहरहाल उत्तर प्रदेश बुनकर सभा के आह्वान पर 01 सितंबर से अनिश्चित कालीन पॉवर लूमों की हड़ताल शुरू हो रही है लेकिन मात्र मशीनों के बंद होने से बुनकरों की अन्य संस्थाओं ने हड़ताल की रूपरेखा पर सवालिया निशान उठाया है। अब देखते वाली बात होगी कि बुनकरों की हड़ताल कितनी सफल होती है और इसका सरकार पर कितना असर पड़ेगा।
पॉवर लूम बुनकरों की हड़ताल कल से शुरू – तानाबाना फाउंडेशन करेगा सहयोग


