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अम्बेडकरनगर: कोरोना वायरस (कोविड-19) की महामारी के दौरान लॉक डाउन के पांचवे दिन भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमेश गुप्ता ने टाण्डा व जिला प्रशासन पर कई सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा कि कैसे लड़ी जाएगी महामारी से लड़ाई जब जिला स्तरीय अधिकारी ही फोन तक नहीं उठाते हैं।
उक्त बातें उन्होंने उस समय कही जब दिल्ली, बरेली, लखनऊ आदि सहित एनटीपीसी से लौटे मज़दूरों की खराब हालत को देखा। श्री गुप्ता ने कहा कि स्थानीय प्रशासन मुख्यमंत्री की बातों को गम्भीरता पूर्वक नहीं ले रहा है और जब जिला स्तरीय अधिकारियों से वार्ता करने का प्रयास किया जाता है तो फ़ोन तक नहीं उठाते हैं जबकि कोविड-19 के खिलाफ लंबी लड़ाई चलनी है और इस तरह रहा तो हम लड़ाई कैसे जीतेंगे।
आपको बताते चलेंकि टाण्डा एनटीपीसी के लिए निर्माणाधीन डम्प (बांध) में मज़दूरी कर रहे सोनभद्र, झारखण्ड व मध्यप्रदेश के मज़दूरों को ठेकेदार ने छुट्टी दे दिया जिसके बाद आठ मज़दूरों ने अपना सफर पैदल शुरू किया लेकिन टाण्डा नगर में पहुंचते ही नायब तहसीलदार देवानन्द तिवारी ने फौरन रोक कर पूँछतांछ शुरू किया और इसी दौरान उनके साथ दिल्ली, लखनऊ व बरेली के डेढ़ दर्जन से अधिक लोग भी आ गए। नायब तहसीलदार ने सभी के मध्य उचित दूरी बनवा कर कतारबद्ध कर टाण्डा रोडवेज के पास लाए जहां स्वास्थ विभाग की तरफ से तैनात डॉक्टर अजीमुद्दीन अंसारी ने सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया। सभी को स्वास्थ्य होने के बाद स्थानीय प्रशासन चिंता मुक्त हो कर चले गए जिससे नाराज़ भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमेश गुप्ता ने पत्रकारों के सामने स्थानीय व जिला प्रशासन पर अपनी खींझ निकालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट आदेश है कि जो भी मज़दूर जहां पहुंचे उसे प्रशासन डिडेक्ट कर उनके गन्तव्य तक पहुंचाने का प्रबंध करें लेकिन टाण्डा में इसकी कोई सुविधा नज़र नहीं आ रही है। दो दर्जन से अधिक भूखे प्यासे लोगों को पत्रकार मिन्नतुल्लाह, आलम खान व मो.यूसफ़ ने बिस्कुट, खीरा व पानी की बोतल भेंट किया जिसके बाद सभी अपने सफर पर पुनः पैदल ही रवाना हो गए हालांकि इनमे कई लोग हंसवर आदि थानाक्षेत्र के भी शामिल थे।

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