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अम्बेडकरनगर: कोविड 19 की महामारी की चपेट में बुनकर नगरी टाण्डा के आने के बाद से प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र से 250 मीटर परिधि को सील कर दिया, तथा संक्रमित बच्ची के संपर्क में आए परिजनों को क्वारन्टीन करने के लिए प्राथमिक विद्यालय मीरानपुरा को स्थानीय प्रशासन द्वारा क्वारन्टीन सेंटर बनाने की प्रक्रिया शुरू होते ही क्षेत्रीय लोगों ने आपत्ति उठाना शुरू कर दिया। उप जिलाधिकारी टाण्डा को स्थानीय लोगों ने ज्ञापन देते हुए बताया कि नगर पालिका परिषद के मोहल्लाह मीरानपुरा में स्थित प्राथमिक विद्यालय को क्वारन्टीन सेंटर बनाया जा रहा है, जबकि उक्त स्थान भीड़भाड़ वाले इलाके में हैं, जिसमें गैर प्रांतों से आए लोगों को क्वारन्टीन किया जाना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घनी आबादी के बाच क्वारन्टीन सेंटर बनाने से मोहल्लाह प्रभावित हो सकता है, इसलिए किसी ऐसे स्थान पर क्वारन्टीन सेंटर बनाया जाए जहाँ आबादी ना हो। आपको बताते चलेंकि टाण्डा नगर क्षेत्र के मोहल्लाह नेहरूनगर निवासी पांच वर्षीय बच्ची को कोरोना पास्टिव पाया गया था, जो मुम्बई से अपने माता पिता व आधा दर्जन अन्य लोगों के साथ जनपद आई थी। बच्ची के बीमार होने के कारण उसे जिला अस्पताल में ही आइसोलेट कर दिया गया था जबकि आधा दर्जन लोग घर आ गए थे। बच्ची की रिपोर्ट पास्टिव आने के बाद प्रशासन ने नेहरूनगर के 250 मीटर परिधि को सील कर दिया, और मुम्बई से आए लोगों को फिलहाल होम क्वारन्टीन किया गया, हालांकि उन्हें अस्थाई क्वारन्टीन सेंटर भेजने के लिए क्वारन्टीन सेंटर बनाने की तैयारी हो रही है।
बहरहाल टाण्डा नगर क्षेत्र की पांच वर्षीय बच्ची के कोरोना संक्रमित होने के बाद प्रशासन ने 250 मीटर परिधि को सील कर दिया, तथा संक्रमित के संपर्क में आए लोगों को क्वारन्टीन सेंटर में भेजने के लिए मीरानपुरा में स्थित प्राथमिक विद्यालय को अस्थाई क्वारन्टीन सेंटर बनाने की तैयारी हो ही रही थी कि स्थानीय लोगों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए उप जिलाधिकरी से किसी अन्य स्थान पर क्वारन्टीन सेंटर बनाने की लिखित मांग किया है।

इसे टच कर पढ़िये कि कोरोना संक्रमित आबिद के परिजनों ने अंतिम समय में—-

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