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कई वर्षों बाद टांडा तहसील में अधिवक्ताओं ने दिया धरना

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अम्बेडकरनगर: शुक्रवार को कई वर्षों बाद टाण्डा तहसील में अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन नज़र आया हालांकि अधिवक्ता संघ के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया तथा आपातकाल बैठक आहूत की गई।


वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीकांत वर्मा ने शुक्रवार को टाण्डा तहसील प्रांगण में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जिससे हड़कम्प मच गया। अधिवक्ता श्रीकामत वर्मा का आरोप है कि टाण्डा तहसील में भ्रस्टाचार चरम पर है, पत्रावलियां गायब कर दी जा रही हैं तथा सुविधा शुल्क लेकर पत्रावलियों में निर्णय पारित कर दिया जा रहा है। श्रीकान्त वर्मा का आरोप है कि धारा 80 में लेखपालों द्वारा ठेकेदारी प्रथा कायम कर दिया गया है और मुआयना नकल की कोई व्यवस्था नहीं है। हदबरारी मामलों में लेखपाल व कानूनगो द्वारा मनमानी धन उगाही की जा रही है। अधिवक्ता श्रीकांत वर्मा ने 10 बिंदुओं को लेकर जब प्रदर्शन शुरू किया तो स्वर्गीय अधिवक्ता महेंद्र नाथ श्रीवास्तव की याद ताजा हो गई। बताते चलेंकि टाण्डा तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र नॉब श्रीवास्तव द्वारा लगातार भ्र्ष्टाचार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जाता था लेकिन मार्च 2020 में असामयिक मृत्यु के बाद से धरना प्रदर्शन शून्य हो गया था लेकिन शुक्रवार को एक बार फिर स्व.महेंद्र नाथ श्रीवास्तव के करीबी साथी अधिवक्ता श्रीकांत द्वारा टाण्डा तहसील में भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर स्व.श्री महेंद्र की याद ताजा करा दिया हालांकि अधिवक्ता संघ अध्यक्ष मो. मोकीम सहित अन्य पदाधिकारियों द्वारा उक्त बिन्दुओ पर लड़ाई लड़ने के आश्वासन पर धरना प्रदर्शन स्थगित किया गया तथा अधिवक्ता संघ ने आपातकाल बैठक भी बुलाया।

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