टाण्डा तहसील घेराव में गरजे राममूर्ति वर्मा, बोले— “उत्पीड़न नहीं रुका तो सड़क से सदन तक होगा संघर्ष”
अम्बेडकरनगर: समाजवादी पार्टी ने सोमवार को टाण्डा तहसील पर विशाल प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पूर्व मंत्री एवं टाण्डा विधायक राममूर्ति वर्मा की अगुवाई तथा विधानसभा अध्यक्ष संदीप यादव की अध्यक्षता में हजारों कार्यकर्ताओं ने तहसील का घेराव कर बुनकरों, किसानों, छात्रों, व्यापारियों और आम जनता से जुड़े 27 सूत्रीय मांगपत्र के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया।

इससे पूर्व विधायक राममूर्ति वर्मा ने नगर कार्यालय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में बुनकर तबाह, किसान परेशान, युवा बेरोजगार और व्यापारी उत्पीड़न का शिकार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टाण्डा की पहचान रहे बुनकर उद्योग को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया जा रहा है, जबकि जनता की बुनियादी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
पूर्व एमएलसी विशाल वर्मा ने कहा कि अधिकारीगण जान लें कि सरकार बदलने वाली है, इसलिए अनावश्यक उत्पीड़न तत्काल बन्द कर दें।
इंजीनियर एजाज अहमद अंसारी ने कहा कि मौजूदा सरकार बुनकरों का उत्पीड़न तत्काल बन्द करे और पूरे प्रदेश के बुनकरों के सामूहिक प्रस्ताव पर मुहर लगा कर कपड़ा व्यवसाय को बचाने का काम करे अन्यथा बुनकर समाज जमीनी आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
इसके बाद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा करते हुए तहसील पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसील प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में बुनकरों को मुफ्त बिजली, फर्जी बिजली बिलों की समाप्ति, विद्युत विभाग द्वारा कथित उत्पीड़न पर रोक, बुनकर हाट एवं टेक्सटाइल पार्क की स्थापना, रोजगार सृजन, टूटी सड़कों की मरम्मत, अघोषित बिजली कटौती बंद करने, नगर की जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने, अवैध कब्जों पर कार्रवाई समेत 27 प्रमुख मांगें उठाई गईं।

सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर और आसपास का इलाका समाजवादी नारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष जंगबहादुर यादव, पूर्व एमएलसी अजय कुमार उर्फ विशाल वर्मा, ब्लॉक प्रमुख सुरजीत वर्मा, महासचिव मुजीब अहमद सोनू, इंजीनियर एजाज अहमद अंसारी, पूर्व चेयरमैन हाजी इफ्तेखार अंसारी, रघुनाथ यादव, सैय्यद कसीम अशरफ, मुसाब अजीम, नफीस अहमद, फैज़ान खान, रामफूल गौतम, जफर हयात अंसारी, मो. शाद सिद्दीकी, मो. जिया, मुशीर आलम अंसारी, इसरार अहमद, अंजू दूबे, हाफिज बदरुद्दोजा अंसारी, बलराम मौर्य, मो. तारिक, शमसाद फारूकी, पप्पू यादव, रईस अंसारी, गप्पू चौधरी, मो. फैज़, जकी अनवर, राधे यादव, राजकुमार मौर्य, प्रखर मौर्य, मो. अली, सैफ, पूनम, सरिता, प्रमिला, अब्दुल अजीज, एकांश सिंह, ओमकार यादव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।




