अम्बेडकरनगर जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के राशन की कथित कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। महरुआ थाना क्षेत्र के तेलियागढ़ स्थित एक धर्मकांटा परिसर के मकान में छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में सरकारी राशन बरामद होने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि SDM सदर की अगुवाई में हुई कार्रवाई में लगभग 100 बोरा चीनी तथा कई कुंतल गेहूं बरामद किया गया है। 
सूत्रों के अनुसार बरामद राशन कटेहरी ब्लॉक क्षेत्र के सरकारी कोटे से जुड़ा बताया जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि गरीबों में वितरित होने वाला राशन आखिर निजी मकान तक कैसे पहुंचा और किसके संरक्षण में उसका भंडारण किया जा रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राशन को कालाबाजारी के उद्देश्य से एकत्र किया गया था, जिससे सरकारी व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
मामले में एक ठेकेदार की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। आरोप है कि गरीबों के हिस्से का राशन बाजार में बेचने की मंशा से यहां जमा किया गया था। छापेमारी के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
उधर, कार्रवाई के बाद जिलापूर्ति विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। चर्चा है कि मामले को दबाने और रफादफा करने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक बरामद राशन की मात्रा, उसके स्रोत और जिम्मेदार लोगों के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यदि जांच में यह साबित होता है कि बरामद सामग्री सरकारी वितरण प्रणाली की है, तो यह गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला माना जाएगा। अब सबकी निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर इस पूरे खेल के पीछे कौन लोग शामिल हैं और उन पर क्या कार्रवाई होती है।
फिलहाल तेलियागढ़ धर्मकांटा से बरामद राशन ने जनपद में पीडीएस व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।





