अम्बेडकरनगर: जलालपुर तहसील में तैनात तहसीलदार निखिलेश कुमार के खिलाफ अधिवक्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। भ्रष्टाचार, बिना सुनवाई मुकदमों को अदम पैरवी में खारिज करने तथा न्यायिक प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर जिला बार एसोसिएशन की अगुवाई में जलालपुर अधिवक्ता संघ के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले की विभिन्न बार एसोसिएशनों के पदाधिकारी और अधिवक्ता शामिल हुए।

बैठक में जिला बार, जलालपुर बार, टांडा बार, भीटी बार और आलापुर बार के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तमाम शिकायतों और पक्षकारों की मौजूदगी के बावजूद मुकदमों को अदम पैरवी में खारिज किया जा रहा है, जिससे न्याय पाने आए लोगों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से एक संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया गया। निर्णय लिया गया कि मंगलवार को विभिन्न बार एसोसिएशनों का प्रतिनिधिमंडल जिला बार एसोसिएशन के नेतृत्व में उच्च अधिकारियों से मिलकर तहसीलदार के खिलाफ शिकायतों का विस्तृत ज्ञापन सौंपेगा।
अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि निखिलेश कुमार पर इससे पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। टांडा तहसील में तैनाती के दौरान भी उनका अधिवक्ताओं से लंबे समय तक विवाद चला था, जिसके बाद उनका स्थानांतरण जलालपुर किया गया था। अब जलालपुर में भी अधिवक्ताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए संघर्ष का एलान कर दिया है।
बैठक में अकबरपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव, टांडा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शेर बहादुर सिंह, आलापुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हृदय राम सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। टांडा बार की ओर से पृथ्वी मंडल में अध्यक्ष के अलावा अभिमन्यु यादव, अजय प्रताप श्रीवास्तव, हिलाल अशरफ और संजीव प्रताप सिंह भी शामिल हुए।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।




